नेटाफिम ने पेश की प्रिसिजन इरिगेशन की नई तकनीक: फर्टिगेशन होगा आसान और स्मार्ट

प्रिसिजन इरिगेशन (टपक सिंचाई) के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी कंपनी नेटाफिम (ऑर्बिया का प्रिसिजन एग्रीकल्चर बिजनेस) ने अपनी 5वीं पीढ़ी की ‘AI-आधारित ऑटोमेटेड डोज़िंग’ रेंज लॉन्च कर दी है। इस नई रेंज में एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो फर्टिगेशन यानी सिंचाई के साथ खाद देने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सटीक बनाती है। साथ ही, इसमें रिमोट कंट्रोल और मॉनिटरिंग की सुविधा भी दी गई है, जिससे किसान कहीं से भी अपनी फसल की देखभाल कर सकते हैं। इस रेंज में फर्टिकिट 5G, फर्टिवन 5G, नेटाजेट 5G और नेटाफ्लेक्स 5G जैसे अत्याधुनिक उत्पाद शामिल हैं।

खुले खेतों से लेकर ग्रीनहाउस तक के लिए उपयुक्त समाधान

नेटाफिम की डोज़िंग 5G रेंज आधुनिक पोषक तत्व प्रबंधन तकनीक और उपयोग में सरलता का बेहतरीन संयोजन है। इसे खुले खेतों के साथ-साथ संरक्षित खेती जैसे ग्रीनहाउस के लिए भी डिज़ाइन किया गया है। यह सिस्टम खुद से सीखने वाली एआई तकनीक पर आधारित है, जो फसल की ज़रूरत के अनुसार पोषक तत्वों की मात्रा को सटीक रूप से नियंत्रित करता है। इससे खाद के अत्यधिक उपयोग पर रोक लगती है और फसल की पैदावार व गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है।

लागत में कमी, संसाधनों का बेहतर उपयोग

यह तकनीक खाद, पानी और बिजली के उपयोग को संतुलित कर खेती की लागत और मेहनत को कम करती है। साथ ही, यह टिकाऊ और जिम्मेदार खेती को बढ़ावा देती है। पोषक तत्वों के बहाव और भूजल प्रदूषण के खतरे को कम करके यह मिट्टी और पानी के दीर्घकालिक संरक्षण में भी मददगार साबित होती है। पूरी डोज़िंग 5G रेंज नेटाफिम के ‘GrowSphere’ डिजिटल प्लेटफॉर्म से आसानी से जुड़ जाती है, जिससे किसान एक ही प्लेटफॉर्म से सिंचाई और फर्टिगेशन की योजना, निगरानी और प्रबंधन कर सकते हैं। मल्टी-चैनल नियंत्रण और कस्टमाइजेशन की सुविधा के कारण किसान बुवाई से लेकर कटाई तक पूरी फसल अवधि में अधिक सटीकता और ऑटोमेशन का लाभ उठा सकते हैं।

किसानों की चुनौतियों का समाधान: विकास सोनावणे

नेटाफिम इरिगेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर विकास सोनावणे ने कहा कि भारत के किसान बढ़ती लागत, पानी की कमी, खाद के उपयोग में अनिश्चितता और रियल-टाइम जानकारी की कमी जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इन समस्याओं के कारण अक्सर खाद की बर्बादी होती है और मुनाफा घटता है। उन्होंने बताया कि डोज़िंग 5G एक एआई-आधारित समाधान है, जो फर्टिगेशन मैनेजमेंट में सटीकता, ऑटोमेशन और रिमोट मॉनिटरिंग लाकर इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान प्रदान करता है। इससे कम मेहनत में फसल को सही मात्रा में पोषक तत्व मिलते हैं, पानी का बेहतर उपयोग होता है और किसानों की आमदनी बढ़ती है।

डोज़िंग 5G रेंज के प्रमुख उत्पाद और उनकी खासियतें

डोज़िंग 5G प्रोडक्ट रेंज में कई अत्याधुनिक सिस्टम शामिल हैं, जो अलग-अलग जरूरतों के अनुसार बनाए गए हैं। फर्टिकिट™ 5G एक लचीला और कस्टमाइज होने वाला फर्टिगेशन सिस्टम है, जो खुले खेतों और बागानों के लिए उपयुक्त है। इसके नौ अलग-अलग मॉडल उपलब्ध हैं, जिन्हें किसान अपनी जरूरत और बजट के अनुसार चुन सकते हैं।

फर्टिवन 5G छोटे क्षेत्रों के लिए एक सरल और प्रभावी समाधान है, जिसमें सिंगल-चैनल डोज़िंग सिस्टम और ‘प्लग-एंड-प्ले’ इंस्टॉलेशन की सुविधा मिलती है। वहीं, नेटाजेट 5G संवेदनशील फसलों और कम समय वाली सिंचाई के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो तेजी से EC/pH को नियंत्रित करता है और ‘एडाप्टिव डोज़िंग कंट्रोल’ के जरिए बिना किसी मैन्युअल हस्तक्षेप के काम करता है। नेटाफ्लेक्स 5G एक उन्नत और एकसमान फर्टिगेशन सिस्टम है, जो ‘ओपन टैंक मिक्सिंग’ तकनीक और EC/pH डुअल सेंसर के जरिए बेहद सटीक नियंत्रण सुनिश्चित करता है।

शुरुआती नतीजे उत्साहजनक, किसानों को मिला फायदा

डोज़िंग 5G सिस्टम का उपयोग पहले ही शुरू हो चुका है और इसके शुरुआती परिणाम काफी सकारात्मक रहे हैं। किसानों के अनुभव के अनुसार, खाद का उपयोग अब अधिक प्रभावी हो गया है, जिससे न केवल पैदावार बढ़ी है बल्कि फसल की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। इसके साथ ही पोषक तत्वों के बहाव में कमी आई है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। यह नई तकनीक किसानों के लिए अधिक उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता और टिकाऊ खेती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।