
लखनऊ/मुंबई। गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप ने अपने विकास क्रम में एक अहम कदम उठाते हुए नई ब्रांड पहचान और उद्देश्य का अनावरण किया है। यह बदलाव ग्रुप की रणनीति, महत्वाकांक्षा और भविष्य की दिशा को नए सिरे से परिभाषित करता है। मुंबई स्थित मुख्यालय गोदरेज वन में आयोजित एक बैठक के दौरान इस ऐतिहासिक परिवर्तन की घोषणा की गई। 129 वर्षों की मजबूत विरासत के साथ आधुनिक सोच और ऊर्जा को जोड़ते हुए, ग्रुप ने अपने विविध पोर्टफोलियो—कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, रियल एस्टेट, फाइनेंशियल सर्विसेज, एग्रीकल्चर और केमिकल्स—में एक स्पष्ट रणनीतिक तालमेल स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।
ग्रुप के मनोनीत अध्यक्ष पिरोजशा गोदरेज ने कहा कि यह नया उद्देश्य इस विश्वास को मजबूत करता है कि मूल्य और परिणाम साथ-साथ चलते हैं। उनके अनुसार, विस्तार के इस दौर में ग्रुप ऐसे व्यवसाय खड़े करने पर ध्यान देगा जो न केवल सफल हों, बल्कि जिम्मेदार भी हों।
गोदरेज इंडस्ट्रीज़ की कार्यकारी निदेशक और मुख्य ब्रांड अधिकारी तान्या दुबाश ने कहा कि नई ब्रांड पहचान ग्रुप की वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा का प्रतिबिंब है। उनके अनुसार, यह पहल ब्रांड की मजबूती को बढ़ाने के साथ-साथ सभी व्यवसायों को एक साझा उद्देश्य के तहत और अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ने में मदद करेगी।
विकास के लक्ष्य और वित्तीय प्रदर्शन
ग्रुप ने पिछले पांच वर्षों में बिक्री और शुद्ध मुनाफे में 20 प्रतिशत से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है। आने वाले समय के लिए ग्रुप ने बिक्री में 15 प्रतिशत से अधिक और प्रति शेयर आय में 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि का लक्ष्य तय किया है। साथ ही, हर व्यवसाय से 18 प्रतिशत से अधिक इक्विटी रिटर्न की अपेक्षा रखी गई है। ग्रुप अपनी सूचीबद्ध कंपनियों की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच करने की योजना बना रहा है, जिससे अगले पांच वर्षों में कुल मार्केट कैप 5,00,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
सस्टेनेबिलिटी और सामाजिक प्रतिबद्धता
सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में भी ग्रुप ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। 2025 में डाउ जोन्स बेस्ट-इन-क्लास सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स में ग्रुप की प्रमुख कंपनियों ने अपनी-अपनी श्रेणियों में वैश्विक स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया। आगे बढ़ते हुए, ग्रुप ने 2035 तक ‘नेट-ज़ीरो’ ऑपरेशंस और 2047 तक ‘प्लैनेट-पॉजिटिव’ सप्लाई चेन का लक्ष्य रखा है।
सामाजिक समावेशन के तहत, अगले पांच वर्षों में महिलाओं, LGBTQ+ समुदाय और दिव्यांग व्यक्तियों का प्रतिनिधित्व 40% तक बढ़ाने की योजना है। इसके अलावा, गोदरेज फाउंडेशन ने 2025 में एक बड़ा कैश कॉर्पस तैयार किया है, जिससे परोपकारी खर्च को पांच गुना तक बढ़ाया जा सकेगा।
नई ब्रांड पहचान की झलक
ग्रुप ने अपनी नई ब्रांड पहचान भी पेश की, जिसे उसकी इन-हाउस डिज़ाइन टीम ‘DISCO’ ने तैयार किया है। इस पहचान में आधुनिक विजुअल लैंग्वेज, विशिष्ट टाइपोग्राफी, खास सोनिक पहचान और सिग्नेचर सुगंध शामिल है, जो डिजिटल और भौतिक माध्यमों में एक समान और प्रभावी अनुभव प्रदान करेगी।