रैडिको खेतान ने रचा इतिहास: 1 हजार करोड़ EBITDA का ऐतिहासिक मुकाम हासिल, डिविडेंड-पेआउट नीति अपनाने की घोषणा

नई दिल्ली। रैडिको खेतान लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऐतिहासिक प्रदर्शन दर्ज करते हुए ₹6,050.4 करोड़ का शुद्ध राजस्व और ₹1,018.5 करोड़ का EBITDA हासिल किया। कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त चौथी तिमाही और पूरे वित्तीय वर्ष के परिणामों की घोषणा करते हुए बताया कि यह उपलब्धि उसकी प्रीमियमाइजेशन रणनीति, मजबूत ब्रांड पोर्टफोलियो और अनुशासित संचालन का परिणाम है। चौथी तिमाही में कंपनी की शुद्ध बिक्री 15.3 प्रतिशत बढ़कर ₹1,503.7 करोड़ रही, जबकि EBITDA 64 प्रतिशत की तेज वृद्धि के साथ ₹286.3 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन बढ़कर अब तक के सर्वाधिक 19 प्रतिशत पर पहुंचा। तिमाही कुल व्यापक शुद्ध आय दोगुनी होकर ₹176.5 करोड़ रही।

FY26 के दौरान कुल IMFL वॉल्यूम 22.2 प्रतिशत बढ़कर 38.33 मिलियन केस रहा। प्रेस्टिज एवं उससे ऊपर के ब्रांड्स का वॉल्यूम 28.5 प्रतिशत बढ़कर 16.70 मिलियन केस पहुंचा, जबकि इन ब्रांड्स की नेट सेल्स 30.9 प्रतिशत बढ़कर ₹3,063.7 करोड़ रही। कंपनी का सकल लाभ ₹2,740.9 करोड़ रहा और कुल व्यापक आय 75.9 प्रतिशत बढ़कर ₹600.3 करोड़ पहुंच गई। वहीं कंपनी ने दीर्घकालिक विकास संभावनाओं को देखते हुए न्यूनतम 20 प्रतिशत डिविडेंड पेआउट नीति अपनाने की भी घोषणा की।

क्या कहते हैं कंपनी के चेयरमैन

कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक ललित खेतान ने कहा कि भारतीय IMFL उद्योग में प्रीमियम और लक्ज़री उत्पादों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। वहीं प्रबंध निदेशक अभिषेक खेतान ने बताया कि कंपनी के लक्ज़री पोर्टफोलियो ने ₹475 करोड़ की बिक्री दर्ज की। Magic Moments ने 8.6 मिलियन केस का आंकड़ा पार किया, जबकि After Dark और Royal Ranthambore ने भी मजबूत वृद्धि दर्ज की।