अड़ींग पंचायत में 39 करोड़ की परफॉर्मेंस ग्रांट की जांच तेज, टीम ने खंगाली पत्रावलियां


मथुरा। जनपद की ग्राम पंचायत अड़ींग में 39 करोड़ रुपये की परफॉर्मेंस ग्रांट के उपयोग को लेकर जांच तेज हो गई है। जिलाधिकारी के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति शनिवार को पंचायत कार्यालय पहुंची और विकास कार्यों से संबंधित विभिन्न पत्रावलियों का परीक्षण कर उन्हें अपने साथ ले गई। जांच के दौरान 3.5 करोड़ रुपये के बारातघर निर्माण से जुड़ी फाइल समिति को उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसको लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
जांच समिति का गठन अखिलेश कुमार के निर्देशन में किया गया है। समिति में बीडीओ छाता और लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता भी शामिल हैं। टीम ने पंचायत कार्यालय पहुंचकर विकास कार्यों की फाइलों और दस्तावेजों का परीक्षण किया। जांच के दौरान पूर्व सचिव रामवीर, थान सिंह, स्थानांतरित सचिव यतिन शर्मा और आगत सचिव मनोज भंडारी भी मौके पर मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार 3.5 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन बारातघर की पत्रावली जांच समिति को नहीं दी गई। आरोप है कि निर्माण कार्य की एमबी (मेजरमेंट बुक) तैयार कर 50 से 60 लाख रुपये की धनराशि निकालने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में पंचायत सदस्यों ने उच्च अधिकारियों से शिकायत करते हुए धन निकासी पर रोक लगाने की मांग की है।
मामले में मण्डलायुक्त आगरा और जिलाधिकारी मथुरा स्तर से अलग-अलग तीन सदस्यीय जांच समितियां गठित की गई हैं। दोनों समितियां अपने स्तर पर जांच कर रही हैं। इसी क्रम में लोकायुक्त को शिकायत करने वाले परिवादी अजीत सैनी ने शुक्रवार को कमिश्नर द्वारा गठित समिति के समक्ष कथित अनियमितताओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पंचायत का बोर्ड 17 फरवरी से भंग है और 15 में से 12 सदस्य त्यागपत्र दे चुके हैं। इसके बावजूद पंचायत में धन निकासी की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत में प्रशासक या संचालन समिति न होने के बावजूद वित्तीय कार्यवाही की जा रही है।
इसके अलावा पंचायत के “मेरी पंचायत” सरकारी एप पर पूरे कार्यकाल में 15 में से 14 सदस्यों के मोबाइल नंबर की जगह रोजगार सेवक का नंबर दर्ज रहने का मामला भी सामने आया है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस संबंध में शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
एसडीएम न्यायिक छाता अखिलेश कुमार ने बताया कि विस्तृत जांच के लिए विशेषज्ञ कर्मचारियों की टीम लगाई गई है। समिति आगामी दिनों में विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी करेगी और जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपेगी।