ज्येष्ठ के तीसरे बड़े मंगल पर हनुमान भक्ति में डूबी राजधानी: ब्रजेश पाठक-अखिलेश यादव ने भक्तों को बंटे प्रसाद

लखनऊ। ज्येष्ठ मास के तीसरे बड़े मंगल पर राजधानी लखनऊ पूरी तरह हनुमान भक्ति के रंग में रंगी नजर आई। सुबह होते ही शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं और पूरा वातावरण जय श्रीराम व जय बजरंगबली के जयघोष से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला और दिनभर भक्ति, सेवा और आस्था का अनूठा संगम दिखाई दिया।

अलीगंज स्थित नए और पुराने हनुमान मंदिर में तड़के चार बजे ही कपाट खोल दिए गए थे। इसके बाद सुबह से देर रात तक दर्शन-पूजन का सिलसिला लगातार जारी रहा। पुराने हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ प्रसाद वितरण भी शुरू कर दिया। वहीं पक्का पुल स्थित मरी माता मंदिर के सामने पुजारी श्री राम के संयोजन में भक्तों के बीच प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही और भक्त पूरे उत्साह के साथ हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड पाठ में शामिल हुए।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और अखिलेश यादव ने भक्तों को बांटा प्रसाद

हजरतगंज में फोटो जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी कार्यक्रम में पहुंचे और अपने हाथों से भक्तों को प्रसाद वितरित किया। तो वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी भंडारे में पहुंचकर राम भक्त हनुमान जी के दर्शन कर भक्तों को प्रसाद वितरित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार, फोटो जर्नलिस्ट और श्रद्धालु शामिल हुए। भंडारे में लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर सेवा कार्यों में भी भागीदारी निभाई।

प्रमुख मंदिरों में लगी रहीं लंबी कतारें

हनुमान सेतु मंदिर, हनुमत धाम, मौनी बाबा मंदिर, त्रिमूर्ति हनुमान मंदिर और बालाजी मंदिर समेत शहर के सभी प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं में विशेष उत्साह नजर आया। कई श्रद्धालु परिवार सहित मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।

शहरभर में लगे भंडारे, गर्मी में भी सेवा का उत्साह

तीसरे बड़े मंगल पर इस बार पिछले दोनों मंगलों की तुलना में अधिक संख्या में भंडारों का आयोजन किया गया। शहर की प्रमुख सड़कों, चौराहों और मंदिरों के आसपास श्रद्धालुओं ने शरबत, ठंडा पानी, पूड़ी-सब्जी, हलवा और अन्य प्रसाद वितरण के लिए भंडारे लगाए। भीषण गर्मी के बावजूद लोग पूरे उत्साह के साथ सेवा कार्यों में जुटे दिखाई दिए। कहीं युवाओं की टोली राहगीरों को ठंडा पानी पिला रही थी तो कहीं महिलाएं भक्तों को प्रसाद वितरित करती नजर आईं।

भक्ति के साथ स्वच्छता का भी दिया संदेश

भक्ति और सेवा के इस आयोजन में स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखा गया। अधिकांश भंडारों में डिस्पोजल कचरे के लिए अलग व्यवस्था की गई थी और स्वयंसेवक लगातार साफ-सफाई में जुटे रहे। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और सुंदरकांड पाठ का आयोजन भी किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने बड़े मंगल को केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सेवा और मानवता का पर्व भी बताया।