मेडिटेशन गुरु उपाध्याय विहसंत सागर ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश, आज होगा सम्बेदशिखर विधान एवं दीक्षा समारोह

आगरा। प.पू. विनेयपुंगव पदवाचार्य आचार्य श्री विरागसागर मुनिराज के परम प्रभावक शिष्य Upadhyay 108 Vihasant Sagar ससंघ का रविवार सुबह भव्य मंगल प्रवेश हुआ। यह विहार प्रातः 7 बजे आगरा रोड स्थित जे.एम.एल. एंटरप्राइजेज से प्रारंभ होकर सिंधिया तिराहे तक पहुंचा, जहां जैन समाज के पुरुषों, महिलाओं और युवाओं ने भव्य स्वागत किया।
नगर प्रवेश के दौरान जगह-जगह गुरुदेव का पाद प्रक्षालन एवं आरती भक्ति की गई। मंगल विहार में उमेश चंद्र एडवोकेट, नरेश चंद्र, विकास बंटी, गौरव पंजाबी कॉलोनी, आदेश, संजय एडवोकेट, रोमन, बिपलब, वंश, प्रवीन बबलू, अनुज, डॉ. स्वाति, तृप्ति, कविता, खुशबू, विनीता और जयमाला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे।
सिंधिया तिराहे पर मानिकचंद जैन परिवार तथा आगरा रोड पर लॉर्ड कृष्णा एजुकेशनल अकैडमी के डॉ. राकेश गुप्ता और अशोक गुप्ता पप्पू ने गुरुदेव का स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया। नगर प्रवेश के दौरान श्रद्धालु जयकारों के साथ चल रहे थे। मुनि संघ का यह कारवां आगरा रोड और करहल रोड होते हुए श्री महावीर जिनालय बिसातखाना पहुंचा।
श्री महावीर जिनालय में पंडित कमल जैन शास्त्री के सानिध्य में उपाध्याय श्री ने श्रीजी के दर्शन कर श्रद्धालुओं को संबोधित किया। आहारचर्या से पूर्व उन्होंने अपने जीवन परिचय में बताया कि उनका जन्म 12 अगस्त 1983 को नक्सल प्रभावित क्षेत्र जगदलपुर में हुआ था। उन्होंने वर्ष 2004 में नागपुर में क्षुल्लक दीक्षा, वर्ष 2023 में सोनागिरी में मुनि दीक्षा तथा वर्ष 2022 में पथरिया में उपाध्याय पद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि श्रुत पंचमी उनके जीवन में विशेष महत्व रखती है क्योंकि उन्हें सभी प्रमुख पद इसी दिन प्राप्त हुए।
इस अवसर पर पंडित अनंत कुमार जैन, सुरेश चंद्र जैन, सौरभ जैन बॉबी, हेमंत जैन और विकास जैन पाली सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
24 मई को भगवान महावीर का महामस्तिकाभिषेक, शांतिधारा एवं संगीतमय पूजन के बाद प्रवचन कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके उपरांत उपाध्याय श्री के सानिध्य में सम्बेदशिखर विधान और भव्य दीक्षा समारोह संपन्न कराया जाएगा। वहीं शाम 5 बजे मेडिटेशन गुरु का आपकी रसोई के लिए विहार होगा।