KGMU के डॉक्टरों ने 7 वर्षीय बच्ची को दी नई जिंदगी: दिमाग तक पहुंच रहे मवाद को सर्जरी से निकाला

लखनऊ। राजधानी के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में एक ऐसा जटिल मामला सामने आया जहां एक 7 वर्षीय बच्ची, जो पिछले तीन वर्षों से कान बहने की समस्या से जूझ रही थी। जिसके बाद बच्ची के परिजनों ने उसे गंभीर हालत में केजीएमयू लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों को आशंका हुई कि कान का संक्रमण बढ़कर मस्तिष्क तक पहुंच चुका है और बीमारी अब जानलेवा रूप ले रही है।

केजीएमयू के डॉक्टरों की आशंका सही साबित हुई जब सीटी स्कैन कराया गया। रिपोर्ट में पता चला कि कान का संक्रमण मस्तिष्क तक फैल चुका था। कान और मस्तिष्क के बीच स्थित हड्डी का एक हिस्सा गल चुका था और संक्रमण से निकला मवाद दिमाग की ओर बढ़ रहा था। बच्ची में मेनिन्जाइटिस जैसे गंभीर लक्षण भी दिखाई दे रहे थे, जिससे स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई थी।

दिमाग तक पहुंच रहे मवाद को निकाला गया

मामले की गंभीरता को देखते हुए एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. हेमलता और उनकी टीम के सहयोग से अगले ही दिन बच्ची का ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के दौरान गली हुई हड्डी को हटाया गया और वह मवाद निकाला गया जो दिमाग तक पहुंच रहा था। डॉक्टरों के अनुसार समय पर की गई यह सर्जरी बच्ची की जान बचाने में निर्णायक साबित हुई।

बाल रोग विभाग की निगरानी में हुई रिकवरी

ऑपरेशन के बाद बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बाल रोग विभाग में डॉ. सारिका और उनकी टीम की निगरानी में भर्ती किया गया। विशेषज्ञों की देखरेख और लगातार उपचार के बाद बच्ची की हालत में तेजी से सुधार हुआ। तीन दिनों तक गहन चिकित्सा के बाद उसे दोबारा संबंधित विभाग को स्थानांतरित किया गया।

स्वस्थ होकर अपने पैरों पर घर लौटी बच्ची, भावुक हुए परिजन

केजीएमयू के एसोसिएट्स प्रोफेसर डॉ रजत जैन ने बताया कि सफल उपचार और चिकित्सकीय देखभाल के बाद बच्ची पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने पैरों पर चलकर अस्पताल से डिस्चार्ज हुई। अपनी बेटी को सुरक्षित और स्वस्थ देखकर माता-पिता भावुक हो उठे। उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे, जो इस बात की गवाही दे रहे थे कि समय पर मिले उपचार ने उनकी बेटी को नया जीवन दे दिया।