मेक इन हरियाणा पॉलिसी लॉन्च: 5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य, पहले दिन 1.10 लाख करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को गुरुग्राम में ‘मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी’ का शुभारंभ किया। प्रदेश में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य के साथ शुरू की गई इस नीति के पहले ही दिन 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों से जुड़े एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 9 नई सेक्टोरल पॉलिसियों, स्मार्ट निवेश सुविधा पोर्टल तथा ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट’ के लोगो का भी अनावरण किया।


मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘मेक इन हरियाणा’ केवल एक औद्योगिक नीति नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास के अगले चरण का रोडमैप है। यह नीति प्रतिस्पर्धात्मकता, नवाचार, निर्यात, रोजगार, सतत विकास और भविष्य के लिए तैयार विनिर्माण व्यवस्था पर आधारित है। उन्होंने निवेशकों से हरियाणा में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि “इन्वेस्टिंग इन हरियाणा का मतलब इन्वेस्टिंग इन फ्यूचर है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उद्योग केवल प्रोत्साहन नहीं बल्कि बेहतर इकोसिस्टम, त्वरित निर्णय और दीर्घकालिक साझेदारी को भी महत्व देते हैं। हरियाणा इन सभी मानकों पर अग्रणी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश जल्द ही हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन करेगा।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश के मात्र 1.3 प्रतिशत भूभाग पर स्थित हरियाणा भारत की जीडीपी में लगभग 3.6 प्रतिशत योगदान देता है। एक्सप्रेसवे, फ्रेट कॉरिडोर, रेल कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स हब और एनसीआर तक सीधी पहुंच ने हरियाणा को निवेश के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य बना दिया है।
मुख्यमंत्री ने ‘इंटेलिजेंट इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन पोर्टल’ को उद्योग और सरकार के बीच कामकाज की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव बताते हुए कहा कि अब निवेशकों को विभिन्न अनुमतियों और सेवाओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस पोर्टल के माध्यम से जीआईएस आधारित भूमि पहचान, एआई आधारित सहायता, निवेश ब्लूप्रिंट, अनुमोदन प्रक्रिया और नीति संबंधी सभी सुविधाएं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।
उन्होंने कहा कि पहले दिन हुए 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते यह दर्शाते हैं कि उद्योग जगत को हरियाणा सरकार और उसकी नीतियों पर भरोसा है। यह निवेश नए उद्योगों, रोजगार के अवसरों, एमएसएमई विकास और आर्थिक मजबूती का आधार बनेगा।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि यह पहल हरियाणा को भविष्य की उद्योगों, नवाचार, निर्यात और तकनीक आधारित विकास का केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि यह नीति व्यापक विचार-विमर्श और उद्योग जगत के सुझावों के आधार पर तैयार की गई है, जो निवेशकों को दीर्घकालिक विकास का भरोसा देती है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि नई नीति हरियाणा की बदलती औद्योगिक सोच को दर्शाती है। निवेशकों की आवश्यकताओं और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखकर तैयार की गई यह नीति राज्य को विश्वस्तरीय निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी।
कार्यक्रम के दौरान एनटीएफ ग्रुप, औमोवियो, प्रोटेरियल, नेशनल ऑस्ट्रेलियन बैंक ग्लोबल इनोवेशन सेंटर, सुमितोमो कॉर्पोरेशन इंडिया, रिलायंस एमईटीएल, स्टार वायर, सात्विक ग्रुप, इंडिया सेल एलायंस, गौतम सोलर, वीनस रेमेडीज, वरुण बेवरेजेज, होरिजन इंडस्ट्रियल, अनंत राज, वेलस्पन वन, स्टार सीमेंट, जीएलएस ग्रुप, एसएमटीए, करनाल फार्मा पार्क, यूनिवर्सल सक्सेस एंटरप्राइजेज, रैकबैंक और अंबर ग्रुप सहित कई कंपनियों ने निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए।