कानपुर के फीलखाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग के विवाद में पत्नी ने व्यापारी पति मनीष गुप्ता पर चाकू से हमला कर दिया। 11 दिन तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस मोबाइल और कॉल डिटेल रिकॉर्ड से जांच कर रही है।

नई दिल्ली/अमर भारती। फीलखाना थाना क्षेत्र में प्रेम विवाह का एक दर्दनाक अंत सामने आया है। पत्नी पर किसी अन्य युवक से प्रेम संबंध होने के विवाद के बीच हुए खूनी संघर्ष में घायल हुए व्यापारी मनीष गुप्ता ने 11 दिन तक जिंदगी और मौत से लड़ने के बाद दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी पत्नी निहारिका को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अब जांच का फोकस उसके मोबाइल फोन और कॉल रिकॉर्ड पर है।
मोबाइल कब्जे में नहीं, जांच पर उठ रहे सवाल
मृतक के परिजनों का आरोप है कि निहारिका किसी पुरुष मित्र से लगातार संपर्क में रहती थी और उसी को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। उनका कहना है कि घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया, लेकिन अभी तक उसका मोबाइल फोन कब्जे में नहीं लिया गया है। ऐसे में महत्वपूर्ण चैट और डिजिटल साक्ष्य सामने आने में देरी हो रही है। मृतक के पिता रामकिशोर का आरोप है कि पुलिस कथित पुरुष मित्र तक पहुंचने में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा रही है।
क्या है पूरा मामला?
फीलखाना क्षेत्र स्थित बालाजी धाम अपार्टमेंट में रहने वाले कपूर व्यापारी मनीष गुप्ता पर उनकी पत्नी निहारिका ने 5 जून को चाकू से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल मनीष को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 16 जून को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मनीष के पिता रामकिशोर ने घटना के बाद बहू निहारिका के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब मनीष की मौत के बाद मामले में हत्या की धारा जोड़ दी गई है।
प्रेम विवाह के बाद रिश्तों में आई दरार
परिजनों के अनुसार मनीष और निहारिका के बीच करीब 10 साल पहले प्रेम संबंध शुरू हुए थे। वर्ष 2017 में दोनों ने प्रेम विवाह किया था। परिवार का आरोप है कि करीब तीन साल पहले निहारिका की जम्मू निवासी एक युवक से नजदीकियां बढ़ीं, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया।
पुरुष मित्र से घंटों बात करने को लेकर होता था विवाद
परिवार का कहना है कि निहारिका अपने कथित पुरुष मित्र से घंटों फोन पर बात करती थी। मनीष इसका विरोध करता था, जिससे दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे। परिजनों का यह भी आरोप है कि विवाद होने पर निहारिका दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाकर पुलिस बुला लिया करती थी।
मासूम बेटे के सामने हुआ खूनी हमला
घटना वाले दिन 5 जून की दोपहर निहारिका अपने कमरे में फोन पर बात कर रही थी। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हुआ। कमरे में उनका छह वर्षीय बेटा विष्णु भी मौजूद था। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर निहारिका ने रसोई से चाकू उठाया और मनीष के पेट व कमर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मनीष ने हिम्मत नहीं हारी।
खून से लथपथ हालत में बेटे का हाथ पकड़कर पहुंचा थाने
परिजनों के अनुसार मनीष एक हाथ से अपना खून रोकते हुए और दूसरे हाथ से बेटे विष्णु का हाथ पकड़कर करीब 500 मीटर दूर फीलखाना थाने पहुंचे। वहां उन्होंने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। मासूम बेटे ने भी अपनी तोतली जुबान में पुलिस के सामने घटना का जिक्र किया। पुलिस ने मनीष को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड से जुटाए जा रहे साक्ष्य
फीलखाना थाना प्रभारी अभय सिंह के अनुसार फिलहाल आरोपी महिला के फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाली जा रही है। डिजिटल साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही मोबाइल फोन भी पुलिस कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच कराएगी।
मासूम विष्णु के भविष्य की चिंता
मनीष अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। उनके पीछे पत्नी और छह वर्षीय बेटा विष्णु रह गया है। बेटे की मौत के बाद वृद्ध माता-पिता अब अपने पोते के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। रामकिशोर का कहना है कि यदि बहू तलाक लेकर अलग हो जाती तो कम से कम बच्चे को माता-पिता दोनों का साया मिलता। लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया है।
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