वाराणसी में शादी समारोह बना मातम: जयमाल के दौरान विवाद, बीच-बचाव करने पहुंचे पड़ोसी की मौत

वाराणसी के मरुई गांव में अस्पताल पहुंचने से पहले टूट गई जिंदगी की डोर

वाराणसी में शादी समारोह बना मातम: जयमाल के दौरान विवाद, बीच-बचाव करने पहुंचे पड़ोसी की मौत
वाराणसी के मरुई गांव में शादी समारोह के दौरान हुए विवाद में बीच-बचाव करने पहुंचे बहादुर राम की मौत हो गई।

वाराणसी: राजातालाब थाना क्षेत्र स्थित मरुई गांव में एक शादी समारोह उस समय मातम में बदल गया, जब जयमाल के दौरान शुरू हुआ मामूली विवाद हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। इस घटना में विवाद शांत कराने पहुंचे 52 वर्षीय पड़ोसी बहादुर राम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

जयमाल के दौरान शुरू हुआ विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाराणसी के जक्खिनी पुलिस चौकी क्षेत्र के मरुई गांव निवासी हिमांशु राम का विवाह बगहा निवासी रेखा देवी के साथ हो रहा था। दूल्हे के घर पर आयोजित विवाह समारोह में जयमाल की रस्म चल रही थी। इसी दौरान लड़की पक्ष के कुछ लोगों और अन्य व्यक्तियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई।

शुरुआत में मामला केवल बहस तक सीमित था, लेकिन देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। अचानक हुए इस घटनाक्रम से शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई। मेहमानों और परिजनों में दहशत फैल गई और लोग अपनी सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागने लगे।

झगड़ा शांत कराने पहुंचे पड़ोसी बहादुर राम

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाराणसी में शादी समारोह में हो रहे शोर-शराबे की आवाज सुनकर पड़ोसी बहादुर राम मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि उस समय वह अपने घर के बाहर सो रहे थे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाने और विवाद खत्म कराने की कोशिश की।

हालांकि कुछ समय बाद ग्रामीणों ने उन्हें घर के समीप गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाया। उनके सीने पर नुकीली वस्तु से वार किए जाने जैसे निशान दिखाई दिए। घटना के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल पहुंचने से पहले टूट गई जिंदगी की डोर

बहादुर राम को बचाने के लिए परिजनों और ग्रामीणों ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से वाराणसी के मरूई गांव में मातम पसरा हुआ है.

इस दुखद घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वाराणसी के मरूई के रहने वाले बहादुर राम अपने पीछे पत्नी नौरंगी देवी, तीन बेटियां रंजना देवी, एजोरा देवी और ननका देवी तथा पुत्र किशन राम को छोड़ गए हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

शादी वाले घर में पसरा मातम

वाराणसी के मरूई में जिस घर में कुछ समय पहले तक शादी की खुशियां, मंगल गीत और उत्सव का माहौल था, वहां अचानक मातम छा गया। गांव के लोगों के मुताबिक, किसी ने भी नहीं सोचा था कि एक मामूली विवाद इतनी बड़ी घटना का रूप ले लेगा।

घटना के बाद शादी समारोह का माहौल पूरी तरह बदल गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोग मृतक परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं।

पुलिस जांच में जुटी, मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं

वाराणसी में हुई इस घटना की सूचना मिलते ही राजातालाब पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी दयाशंकर ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी में कुछ लोगों ने गोली लगने की आशंका जताई है, जबकि मृतक के सीने पर नुकीले हथियार से वार के निशान भी पाए गए हैं। ऐसे में पुलिस फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा बड़ा खुलासा

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बहादुर राम की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि मौत गोली लगने से हुई या किसी नुकीले हथियार के हमले के कारण।

इसके अलावा पुलिस ने दूल्हा-दुल्हन समेत शादी समारोह में मौजूद कई लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके। फिलहाल वाराणसी में हुए इस घटनाक्रम ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है.

हर पहलू की जांच कर रही पुलिस

वाराणसी पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस हर संभावित पहलू को ध्यान में रखते हुए पड़ताल कर रही है।

वाराणसी के मरुई गांव की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि छोटी-सी कहासुनी किस तरह हिंसक रूप लेकर एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल सकती है।

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