दिल्ली सरकार जल्द लॉन्च करेगी Safe Delhi App। GPS ट्रैकिंग, लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग और पुलिस कंट्रोल रूम कनेक्टिविटी से महिलाओं को मिलेगी तत्काल सुरक्षा।

नई दिल्ली/अमर भारती। राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए दिल्ली सरकार जल्द ही ‘सेफ दिल्ली’ (Safe Delhi) मोबाइल एप लॉन्च करने जा रही है। यह अत्याधुनिक आपातकालीन अलर्ट सिस्टम महिलाओं को संकट की स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इस एप को सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा, जिससे किसी भी आपात स्थिति में पुलिस की प्रतिक्रिया का समय कम किया जा सकेगा। दिल्ली सरकार के अधिकारियों के अनुसार, इस एप का ट्रायल वर्जन हाल ही में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के समक्ष प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री के पास महिला एवं बाल विकास विभाग का प्रभार भी है। जल्द ही इस परियोजना को कैबिनेट के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जा सकता है।
GPS ट्रैकिंग और लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग होगी सबसे बड़ी ताकत
‘सेफ दिल्ली’ एप की सबसे बड़ी विशेषता इसकी रीयल-टाइम मॉनिटरिंग क्षमता होगी। इसमें महिलाओं को केवल एक क्लिक या वॉयस कमांड के जरिए अलर्ट भेजने की सुविधा मिलेगी।
एप की प्रमुख सुविधाएं:
- GPS आधारित लाइव लोकेशन ट्रैकिंग
- वॉयस-इनेबल्ड SOS अलर्ट
- लाइव ऑडियो और वीडियो स्ट्रीमिंग
- पुलिस कंट्रोल रूम से सीधा कनेक्शन
- रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और त्वरित प्रतिक्रिया
- आपात स्थिति में तत्काल सहायता
सरकार का दावा है कि यह तकनीक पुलिस को घटनास्थल की सटीक जानकारी उपलब्ध कराएगी, जिससे बचाव और कार्रवाई की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज और प्रभावी होगी।
महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है Safe Delhi App?
दिल्ली सरकार का मानना है कि यह एप विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए मददगार साबित होगा जो देर रात यात्रा करती हैं या सुनसान और असुरक्षित इलाकों से गुजरती हैं।
यह एप निम्न परिस्थितियों में उपयोगी होगा:
- सुनसान सड़कें और गलियां
- खराब रोशनी वाले क्षेत्र
- सार्वजनिक परिवहन में असुरक्षा की स्थिति
- पीछा किए जाने या उत्पीड़न की घटनाएं
- लिंग आधारित हिंसा और छेड़छाड़ के मामले
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं को संकट की स्थिति में फोन मिलाने या लंबी प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। एक अलर्ट के साथ ही पुलिस और संबंधित एजेंसियां सक्रिय हो जाएंगी।
NCRB के आंकड़े बढ़ा रहे चिंता
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिल्ली लंबे समय से चर्चा में रही है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में दिल्ली में दुष्कर्म के 1,058 मामले दर्ज किए गए थे। यह संख्या देश के सभी प्रमुख महानगरों में सबसे अधिक रही। इसके अलावा महिलाओं के खिलाफ अपराधों के हजारों मामले हर साल दर्ज होते हैं, जिनमें छेड़छाड़, पीछा करना, घरेलू हिंसा और यौन उत्पीड़न जैसी घटनाएं शामिल हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक आधारित सुरक्षा समाधान महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बना सकते हैं।
पहले भी शुरू हुई थीं कई पहलें
दिल्ली पुलिस पहले से ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। इनमें ‘हिम्मत प्लस’ एप और पिंक पुलिस बूथ जैसी पहलें शामिल हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि ‘सेफ दिल्ली’ एप इन प्रयासों को नई तकनीकी क्षमताओं के साथ और अधिक प्रभावी बनाएगा। सरकार को उम्मीद है कि यह नया प्लेटफॉर्म पुलिस, महिला सुरक्षा तंत्र और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को आधुनिक बनाएगा।
क्या होगा अगला कदम?
सूत्रों के अनुसार, परियोजना का अंतिम प्रस्ताव जल्द ही दिल्ली कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर में लागू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को ऐसा डिजिटल सुरक्षा कवच प्रदान करना है, जो संकट के समय तुरंत मदद उपलब्ध करा सके। महिला सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ‘सेफ दिल्ली’ एप राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक के जरिए मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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