झारखंड में पिछले 24 घंटों के दौरान वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। लोहरदगा, पलामू, चतरा और गुमला जिले सबसे अधिक प्रभावित रहे।

नई दिल्ली/अमर भारती। झारखंड में मानसून के दौरान लगातार हो रही बारिश के बीच आकाशीय बिजली लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। राज्य के विभिन्न जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। मृतकों में तीन महिलाएं, एक किशोरी और एक 12 वर्षीय बालक शामिल हैं। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई है। सबसे अधिक प्रभावित लोहरदगा जिला रहा, जहां दो अलग-अलग घटनाओं में दो महिलाओं की जान चली गई और आठ लोग घायल हो गए। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है।
लोहरदगा में दो महिलाओं की मौत, आठ लोग घायल
लोहरदगा जिले में शुक्रवार को वज्रपात की दो घटनाएं सामने आईं। पहली घटना कुडू थाना क्षेत्र के सलगी कोलपारा गांव में हुई, जहां 48 वर्षीय घूरती उरांव खेत में बादाम की फसल लगाने का काम कर रही थीं। इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और वह उसकी चपेट में आ गईं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
दूसरी घटना बगडू थाना क्षेत्र के चरहू गांव में हुई, जहां 40 वर्षीय असीदा खातून बकरियां चराने के लिए गई थीं। अचानक मौसम बिगड़ने के बीच वज्रपात हुआ और उनकी भी मौके पर मौत हो गई। इन दोनों घटनाओं में करमा उरांव समेत कुल आठ लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज लोहरदगा सदर अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने दोनों महिलाओं के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
पलामू में वृद्ध महिला और बालक की गई जान
पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र में भी वज्रपात की दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई। ढूब गांव की रहने वाली 60 वर्षीय चिंता कुंवर नदी किनारे मवेशियों की देखरेख कर रही थीं। अचानक तेज बारिश शुरू होने पर वह एक पेड़ के नीचे खड़ी हो गईं। इसी दौरान बिजली गिरने से वह गंभीर रूप से झुलस गईं। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। वहीं उकसू गांव में 12 वर्षीय कनेश कुमार घर से गाय बांधने के लिए निकला था। इसी दौरान वह वज्रपात की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
चतरा में किशोरी की मौत
चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड के रिमी गांव में भी वज्रपात की घटना सामने आई। यहां पूजा कुमारी नामक किशोरी आम के बगीचे के पास खड़ी थी। अचानक मौसम खराब हुआ और तेज गर्जना के साथ बिजली गिर गई। इस हादसे में पूजा कुमारी की मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि घटना इतनी अचानक हुई कि उसे बचाने का मौका तक नहीं मिल सका।
गुमला में युवक की मौत
गुमला जिले के रायडीह प्रखंड के रमजा गांव निवासी 31 वर्षीय दीपक सिंह भी आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। वह किसी काम से बाजार गए थे और लौटते समय बारिश में फंस गए। इसी दौरान बिजली गिरने से वह गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें तत्काल गुमला सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आंकड़ों में हादसा
- कुल मौतें: 5
- घायल: 8
- मृतकों में महिलाएं: 3
- किशोरी: 1
- बालक: 1
- सबसे अधिक प्रभावित जिला: लोहरदगा
- प्रभावित जिले: लोहरदगा, पलामू, चतरा और गुमला
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार झारखंड के कई जिलों में अगले 48 से 72 घंटों तक गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों के भीतर रहने, मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करने और खुले मैदानों, जलाशयों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
ग्रामीण इलाकों में दहशत
लगातार हो रही वज्रपात की घटनाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल है। किसान और पशुपालक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं क्योंकि अधिकांश घटनाएं खेतों, बगीचों और खुले स्थानों में हुई हैं।स्थानीय प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी अलर्ट पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासनिक हेल्पलाइन से संपर्क करने की अपील की है। झारखंड में मानसून के साथ आकाशीय बिजली का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में हुई पांच मौतें इस बात का संकेत हैं कि मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
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