पश्चिम बंगाल के हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स प्लांट में नैप्था पाइपलाइन विस्फोट के बाद भीषण आग लग गई। हादसे में 15 लोग झुलसे, कई घर प्रभावित हुए और रेल सेवाएं बाधित हो गईं। जानिए पूरी घटना और नैप्था क्या होता है।

नई दिल्ली/अमर भारती। पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले स्थित हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स परिसर में मंगलवार तड़के नैप्था सप्लाई पाइपलाइन में हुए भीषण विस्फोट के बाद आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में अब तक करीब 15 लोगों के झुलसने की सूचना है, जबकि आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की 12 गाड़ियों को मौके पर तैनात किया गया।
जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 4 बजे पाइपलाइन में अचानक तेज धमाका हुआ। विस्फोट के बाद आग तेजी से फैलते हुए हल्दिया नगर पालिका के वार्ड नंबर 13 स्थित चिरंजीबपुर इलाके तक पहुंच गई। आग की ऊंची लपटों और धुएं के कारण स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और कई परिवारों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।
कई घरों तक पहुंची आग, 15 लोग झुलसे
स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। कुछ ही मिनटों में आसपास के घरों में आग लग गई और देखते ही देखते पूरा इलाका इसकी चपेट में आ गया। दमकल कर्मियों और बचाव दल ने राहत अभियान चलाकर 15 घायलों को बाहर निकाला और उन्हें तत्काल हल्दिया महकमा अस्पताल में भर्ती कराया। इनमें से पांच लोगों को बेहतर इलाज के लिए तमलुक मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार दो घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
गैस रिसाव की आशंका, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे तथा घायलों का हालचाल जाना। प्रारंभिक आशंका है कि पाइपलाइन से नैप्था गैस के रिसाव के कारण विस्फोट हुआ, जिसके बाद भीषण आग लग गई। हालांकि, रिसाव के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स प्रबंधन ने बयान जारी कर कहा है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। कंपनी के अनुसार फिलहाल प्राथमिकता प्रभावित लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करना है।
रेल सेवाओं पर भी पड़ा असर
इस औद्योगिक हादसे का प्रभाव रेलवे संचालन पर भी देखने को मिला। जिस पाइपलाइन में विस्फोट हुआ, उसके निकट ही हल्दिया-पांशकुड़ा रेल मार्ग गुजरता है। आग की वजह से ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन, ट्रांसफार्मर और रेलवे ट्रैक का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। सुरक्षा कारणों से हल्दिया से हावड़ा जाने वाली यात्री ट्रेन को रोक दिया गया, जिससे रेल यातायात प्रभावित हुआ। रेलवे और प्रशासन की टीमें स्थिति सामान्य करने में जुटी हुई हैं।
नैप्था क्या होता है?
नैप्था (Naphtha) कच्चे तेल के शोधन के दौरान प्राप्त होने वाला अत्यधिक ज्वलनशील और वाष्पशील हाइड्रोकार्बन तरल पदार्थ है। यह पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब कच्चे तेल को रिफाइनरी में गर्म किया जाता है, तब पेट्रोल से पहले निकलने वाला हिस्सा नैप्था कहलाता है। यह कुल कच्चे तेल का लगभग 15 से 30 प्रतिशत हिस्सा होता है।
नैप्था का उपयोग कहां होता है?
- पेट्रोकेमिकल उद्योग में प्लास्टिक निर्माण
- सिंथेटिक रबर उत्पादन
- पेट्रोल की गुणवत्ता सुधारने में
- पेंट और वार्निश उद्योग में
- पॉलिश निर्माण में
- ड्राई क्लीनिंग प्रक्रियाओं में
नैप्था अत्यधिक ज्वलनशील होता है, इसलिए इसके भंडारण और परिवहन में विशेष सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स में हुए इस बड़े हादसे के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सतर्क है। आग पर नियंत्रण के प्रयास जारी हैं, जबकि विशेषज्ञों की टीम विस्फोट के कारणों की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों को एहतियात बरतने और अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है।
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