दिल्ली में वोटर लिस्ट अपडेट अभियान शुरू। BLO घर-घर जाकर फॉर्म वितरित करेंगे। जानिए अगर घर बंद मिले तो क्या होगा, पता बदलने पर क्या करें और वोटर लिस्ट में नाम कैसे जुड़वाएं।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आगामी चुनावों को देखते हुए वोटर लिस्ट को अपडेट करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। चुनाव आयोग का उद्देश्य सभी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं का सही बंटवारा सुनिश्चित करना और मतदान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सटीक और सुगम बनाना है।
इस विशेष अभियान के तहत ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित करेंगे। साथ ही वोटर लिस्ट में छूटे नाम, बदले हुए पते और अन्य त्रुटियों को भी सुधारा जाएगा।
30 जून से 29 जुलाई तक चलेगा घर-घर सत्यापन अभियान
चुनाव आयोग के निर्देशानुसार 30 जून से 29 जुलाई तक BLO पंजीकृत पतों पर जाकर मतदाताओं को फॉर्म उपलब्ध कराएंगे।
यदि किसी घर पर ताला लगा मिलता है तो BLO फॉर्म वहीं छोड़ देंगे। इसके बाद भरे हुए फॉर्म प्राप्त करने के लिए कम से कम तीन बार दोबारा संपर्क करने का प्रयास किया जाएगा। आयोग का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।
बंद मकान और खाली प्लॉट बने चुनौती
अभियान के दौरान उन स्थानों पर विशेष कठिनाई सामने आ सकती है जहां पुराने मकान तोड़ दिए गए हैं और जमीन खाली पड़ी है। ऐसे मामलों में BLO निर्धारित पते का सत्यापन नहीं कर पाएंगे।
हालांकि जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होंगे, वे दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान अपने नए पते के आधार पर आवेदन कर सकेंगे। यदि नए पते की जानकारी पहले से उपलब्ध हो जाती है तो चुनाव अधिकारी उस पर भी विचार करेंगे।
2002 के बाद दिल्ली आए मतदाता क्या करें?
दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया आखिरी बार वर्ष 2002 में की गई थी। इसलिए इस बार कई मतदाताओं को अपने पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी देनी पड़ सकती है।
जरूरी निर्देश
- यदि आप वर्ष 2002 के बाद दिल्ली में आए हैं, तो फॉर्म में अपने मूल राज्य का विवरण दर्ज करें।
- उस राज्य का उल्लेख करें जहां आप पहले मतदाता के रूप में पंजीकृत थे।
- राज्यों की पूरी सूची चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
- यदि आपका नाम 2002 से 2005 की पुरानी वोटर सूची में नहीं मिलता है, तो माता-पिता या दादा-दादी के पुराने मतदाता रिकॉर्ड का संदर्भ दिया जा सकता है।
- पुराने रिकॉर्ड में हाउस नंबर, विधानसभा क्षेत्र (AC Number) और अन्य विवरण मददगार साबित हो सकते हैं।
पता बदल गया है तो ऐसे जुड़वाएं नाम
यदि किसी मतदाता का पता बदल चुका है और उसका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं दिखाई देता है, तो वह 5 अगस्त के बाद शुरू होने वाली “दावे और आपत्तियां” प्रक्रिया के दौरान फॉर्म-6 भरकर नया नाम दर्ज करा सकता है।
यह प्रक्रिया उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण होगी जो हाल के वर्षों में दिल्ली के भीतर या बाहर से स्थानांतरित हुए हैं।
पुराने वोटर रिकॉर्ड कैसे खोजें?
मतदाता अपने पुराने रिकॉर्ड ऑनलाइन भी देख सकते हैं।
इसके लिए वे:
- CEO Delhi Portal पर जाएं
- EPIC (वोटर ID) नंबर का उपयोग करें
- नाम या पोलिंग स्टेशन की जानकारी दर्ज करें
- पुरानी वोटर लिस्ट में अपना रिकॉर्ड खोजें
इसके अलावा मतदाता ECI Voters Portal और ECINET ऐप के जरिए भी ऑनलाइन फॉर्म जमा कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद BLO द्वारा फिजिकल सत्यापन किया जाएगा।
अतिरिक्त BLO भी रहेंगे तैनात
चुनाव आयोग ने इस विशेष अभियान के दौरान किसी भी आपात स्थिति या अतिरिक्त कार्यभार से निपटने के लिए रिजर्व BLOs की भी व्यवस्था की है। इससे पूरे पुनरीक्षण अभियान को बिना किसी बाधा के पूरा करने में मदद मिलेगी।
लोकतंत्र को मजबूत बनाने की पहल
दिल्ली में चल रहा यह व्यापक वोटर लिस्ट अपडेट अभियान चुनावी प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सटीक और अद्यतन मतदाता सूची न केवल निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करेगी, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को भी और मजबूत बनाएगी।
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