‘देखो यूपी’ का बिगुल, मुंबई रोड शो से निवेश की दस्तक; पर्यटन से ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी को मिलेगी रफ्तार

लखनऊ, 1 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटन को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों और डेलॉयट संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए कि एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने के लिए तैयार की गई कार्ययोजनाओं का असर अब जमीन पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, इसलिए अब तेजी से काम करते हुए इस माह पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार के लिए “देखो यूपी” महाअभियान चलाया जाए और अगले माह अगस्त के मध्य में मुंबई में निवेश आकर्षित करने के लिए रोड शो आयोजित किया जाए।

गोमतीनगर स्थित पर्यटन भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृत अभिजात तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने डेलॉयट को निर्देश दिया कि काशी, विंध्याचल धाम और नैमिषारण्य में निवेश बढ़ाने तथा पर्यटन संसाधनों के प्रचार-प्रसार के लिए तीन दिनों के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए और केवल योजना बनाने तक सीमित न रहकर उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

जयवीर सिंह ने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था और मजबूत कनेक्टिविटी के कारण उत्तर प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं विकसित हुई हैं। उन्होंने ओडीओपी की तर्ज पर ओडीओसी को जोड़कर पर्यटन को बढ़ावा देने, प्रदेश के 12 पर्यटन परिपथों का सोशल मीडिया और रोड शो के माध्यम से व्यापक प्रचार करने तथा पर्यटकों की वास्तविक संख्या के आधार पर योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग के होटलों में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ठहरने के लिए कमरों की संख्या भी बढ़ाई जाए।

बैठक में बताया गया कि अयोध्या, लखनऊ और मथुरा में पर्यटन क्षेत्र में सबसे अधिक निवेश प्राप्त हुआ है। डेलॉयट संस्था ने जानकारी दी कि वाराणसी, विंध्याचल धाम और नैमिषारण्य में पर्यटकों के अनुभवों पर आधारित विशेष प्रचार अभियान जल्द शुरू किया जाएगा। इस पर मंत्री ने कहा कि सभी आंकड़े पूरी तरह वास्तविक और विश्वसनीय होने चाहिए।

मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कार्ययोजनाओं के क्रियान्वयन की गति बढ़ाने और अगले चार महीनों में उसके ठोस परिणाम दिखाने पर जोर दिया। वहीं अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने सुझाव दिया कि आगामी 16 सप्ताह तक निवेश और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रचार अभियान चलाया जाए तथा पूरे प्रदेश में “देखो यूपी” अभियान के माध्यम से पर्यटन स्थलों को नई पहचान दी जाए।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि नई पर्यटन नीति को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे का विस्तार, निजी निवेश को प्रोत्साहन और पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार सरकार की प्राथमिकता है। उनके अनुसार पर्यटन अब केवल धार्मिक या सांस्कृतिक यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार सृजन, निवेश आकर्षित करने और उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में सबसे मजबूत आधार बनकर उभर रहा है।