यूपी के पूर्व ARTO के घर विजिलेंस का छापा, ₹35 करोड़ की कथित संपत्ति और 13 किलो सोना बरामद

उत्तर प्रदेश विजिलेंस ने पूर्व ARTO ललित कुमार के घर छापेमारी में ₹1.62 करोड़ नकदी, 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और करोड़ों की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए। मामले की जांच जारी है।

लखनऊ में पूर्व ARTO ललित कुमार के घर विजिलेंस छापेमारी का सांकेतिक दृश्य।
आय से अधिक संपत्ति मामले में विजिलेंस ने लखनऊ स्थित पूर्व ARTO के आवास पर छापेमारी कर नकदी, सोना और संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए।

नई दिल्ली/अमर भारती। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट) की लखनऊ सेक्टर टीम ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए परिवहन विभाग के पूर्व सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर छापेमारी की। अदालत से तलाशी वारंट मिलने के बाद दो दिनों तक चली इस कार्रवाई में जांच टीम ने भारी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी, निवेश से जुड़े दस्तावेज और कई चल-अचल संपत्तियों के रिकॉर्ड बरामद किए हैं। विजिलेंस के अनुसार, बरामद संपत्तियों का सत्यापन किया जा रहा है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

घर के अलग-अलग हिस्सों से मिली करोड़ों की नकदी

छापेमारी के दौरान जांच अधिकारियों को घर के विभिन्न स्थानों पर पैकेटों में छिपाकर रखी गई लगभग 1.62 करोड़ रुपये की नकदी मिली। विजिलेंस टीम ने पूरे मकान की गहन तलाशी लेकर नकदी को जब्त कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि बरामद रकम को केस डायरी का हिस्सा बनाया गया है और अब यह जांच की जाएगी कि यह धन किस स्रोत से प्राप्त हुआ।

13 किलो सोना और 9 किलो चांदी बरामद

जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली बरामदगी कीमती धातुओं की रही। विजिलेंस के अनुसार, घर से लगभग 13 किलोग्राम सोना और 9 किलोग्राम चांदी बरामद हुई। इनमें सोने की सलाखें, ईंटें, आभूषण तथा चांदी के बिस्कुट और अन्य वस्तुएं शामिल हैं।

प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इन कीमती धातुओं और आभूषणों का मूल्य लगभग 20 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। हालांकि अंतिम मूल्यांकन विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद ही तय होगा।

कई जिलों में संपत्तियों के दस्तावेज मिले

छापेमारी के दौरान विजिलेंस को लखनऊ, बाराबंकी और रायबरेली में कृषि भूमि, लखनऊ में कई मकान और प्लॉट तथा नोएडा में फ्लैटों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। इन अचल संपत्तियों की अनुमानित कीमत लगभग 13 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा एक टोयोटा इनोवा, एक हुंडई i20 कार और एक लाइसेंसी रिवॉल्वर भी बरामद हुई है, जिनकी भी जांच की जा रही है।

बैंक निवेश और वित्तीय रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में

विजिलेंस अधिकारियों को तलाशी के दौरान बैंक जमा, डाकघर योजनाओं, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और म्यूचुअल फंड में निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। इन निवेशों का मूल्य एक करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां अब इन निवेशों के स्रोत, आयकर रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन और अन्य वित्तीय दस्तावेजों का मिलान कर रही हैं ताकि संपत्ति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच

विजिलेंस के अनुसार, ललित कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि उनकी घोषित आय और बरामद संपत्तियों के बीच कितना अंतर है। जांच एजेंसी का कहना है कि बरामद संपत्तियों का कानूनी सत्यापन जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

पहले भी लग चुके हैं आरोप

जानकारी के अनुसार, ललित कुमार परिवहन विभाग में विभिन्न जिलों में तैनात रह चुके हैं। कानपुर में तैनाती के दौरान भी उन पर वैध आय की तुलना में अधिक खर्च और संपत्ति जुटाने के आरोपों की जांच शुरू हुई थी। बाद में आगरा में कार्यकाल के दौरान भी आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को लेकर जांच आगे बढ़ी।

सफल कार्रवाई पर टीम को मिला पुरस्कार

विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट ने इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए पूरी टीम की सराहना की है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) एवं सतर्कता अधिष्ठान के निदेशक ने छापेमारी को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम के लिए एक लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। फिलहाल विजिलेंस की जांच जारी है। यदि जांच में आरोप पुष्ट होते हैं, तो संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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