CUET 2026 डेटा लीक के दावों से छात्रों में चिंता बढ़ी। कुछ वेबसाइटों पर छात्रों का डेटा बेचने का दावा, जबकि NTA ने अपने सिस्टम को पूरी तरह सुरक्षित बताया।

नई दिल्ली/अमर भारती। CUET 2026 डेटा लीक को लेकर एक रिपोर्ट सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इंटरनेट पर कुछ वेबसाइटें CUET 2026 और विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं में शामिल छात्रों का कथित डेटाबेस बेच रही हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने स्पष्ट किया है कि उसके आधिकारिक सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित हैं और उम्मीदवारों की निजी जानकारी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट के अनुसार कुछ वेबसाइटें दावा कर रही हैं कि उनके पास CUET 2026 और अन्य बोर्ड परीक्षाओं में शामिल छात्रों का डेटाबेस उपलब्ध है। इन वेबसाइटों के बारे में कहा जा रहा है कि वे निजी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और एडमिशन से जुड़े संस्थानों को छात्रों की जानकारी उपलब्ध कराने का दावा करती हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कथित डेटाबेस की कीमत 1,000 रुपये से 10,000 रुपये तक बताई जा रही है, जो उपलब्ध रिकॉर्ड और जानकारी की मात्रा पर निर्भर करती है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन वेबसाइटों के पास मौजूद जानकारी का स्रोत क्या है और इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
किस तरह की जानकारी होने का दावा?
रिपोर्ट के मुताबिक कथित डेटाबेस में छात्रों से जुड़ी कई व्यक्तिगत जानकारियां होने का दावा किया गया है, जिनमें शामिल हैं-
- छात्र का नाम
- मोबाइल नंबर
- ईमेल आईडी
- आवेदन संख्या
- जन्मतिथि
- माता-पिता का नाम
- जेंडर
- कैटेगरी
कुछ वेबसाइटों द्वारा संभावित खरीदारों को भरोसा दिलाने के लिए सीमित संख्या में रिकॉर्ड सैंपल के रूप में दिखाए जाने का भी दावा किया गया है। हालांकि, इन रिकॉर्ड्स की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हुई है।
डेटा लीक होने पर क्या हो सकते हैं खतरे?
यदि किसी छात्र की निजी जानकारी बिना अनुमति के साझा या बेची जाती है, तो उसके कई तरह के दुरुपयोग की आशंका रहती है।
विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे डेटा का इस्तेमाल-
- फर्जी एडमिशन कॉल
- स्पैम कॉल और ईमेल
- साइबर ठगी
- फिशिंग अटैक
- पहचान की चोरी (Identity Theft)
- फर्जी दस्तावेज तैयार करने
जैसी गतिविधियों में किया जा सकता है। इसी कारण छात्रों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
NTA ने क्या कहा?
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उम्मीदवारों की जानकारी की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एजेंसी के अनुसार परीक्षा और परिणाम से जुड़ा डेटा केवल सुरक्षित सरकारी प्लेटफॉर्म और निर्धारित, सहमति-आधारित प्रक्रियाओं के माध्यम से ही साझा किया जाता है। NTA का कहना है कि उसके आधिकारिक सिस्टम सुरक्षित हैं और उम्मीदवारों के डेटा की सुरक्षा के लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक उपाय अपनाए गए हैं।
छात्रों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों और अभिभावकों को किसी भी अनजान कॉल, ईमेल या मैसेज पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति प्रवेश दिलाने, सीट दिलाने या परीक्षा से जुड़ी जानकारी के नाम पर व्यक्तिगत विवरण मांगता है, तो उसकी पुष्टि संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से करनी चाहिए। इसके अलावा किसी भी अनधिकृत वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल जिन वेबसाइटों पर डेटा बेचने का दावा किया जा रहा है, उनकी जानकारी और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कथित डेटा वास्तव में परीक्षा एजेंसियों से जुड़ा है या किसी अन्य स्रोत से प्राप्त किया गया है। ऐसे में इस मामले की आधिकारिक जांच और संबंधित एजेंसियों की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
CUET 2026 डेटा लीक को लेकर सामने आई रिपोर्ट ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, अब तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और NTA ने स्पष्ट किया है कि उसका सिस्टम सुरक्षित है तथा उम्मीदवारों की जानकारी की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइटों और विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें तथा किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश से सतर्क रहें।
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