US-Iran War: अमेरिकी सेना ने ईरान के नौसैनिक रखरखाव केंद्र और बंदर अब्बास पोर्ट पर ड्रोन हमला किया। जानिए CENTCOM, होर्मुज स्ट्रेट और ताजा घटनाक्रम।

नई दिल्ली/अमर भारती। Middle East Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने ईरान के नौसैनिक रखरखाव केंद्र और बंदर अब्बास पोर्ट पर ड्रोन से हमला करने का दावा किया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि यह समुद्री मार्ग खुला रहेगा। दूसरी ओर ईरान ने भी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है।
CENTCOM का दावा- नौसैनिक रखरखाव केंद्र पर सफल हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि रविवार रात कई वन-वे अटैक ड्रोन (One-Way Attack Drones) का उपयोग कर ईरान के पनडुब्बी और युद्धपोतों के रखरखाव केंद्र को निशाना बनाया गया।CENTCOM के अनुसार यह ऑपरेशन सफल रहा और इससे ईरान की समुद्री सैन्य क्षमताओं को नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी सेना का दावा है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य सुविधाओं को कमजोर करना था जिनका उपयोग समुद्री अभियानों और कमर्शियल शिपिंग पर हमलों के लिए किया जा सकता है।
बंदर अब्बास पोर्ट पर भी हुआ हमला
अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक बंदर अब्बास पोर्ट (Bandar Abbas Port) को भी निशाना बनाया। यह फारस की खाड़ी का सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह माना जाता है और ईरानी नौसेना के लिए बेहद अहम है। CENTCOM के मुताबिक, इस ऑपरेशन में पहली बार वास्तविक युद्ध अभियान के दौरान समुद्री ड्रोन (Maritime Drones) का इस्तेमाल किया गया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक ने ऑपरेशन को अधिक प्रभावी बनाया।
पहले भी कई सैन्य ठिकानों को बनाया गया निशाना
इससे कुछ घंटे पहले अमेरिकी सेना ने बताया था कि उसने ईरान के दर्जनों सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इनमें शामिल हैं—
- एयर डिफेंस सिस्टम
- रडार स्टेशन
- मिसाइल लॉन्चर
- ड्रोन स्टोरेज और उपकरण
- तेज रफ्तार सैन्य नौकाएं
- नौसैनिक लॉजिस्टिक सुविधाएं
अमेरिका का दावा है कि इन हमलों से ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
ट्रंप बोले- होर्मुज स्ट्रेट हमेशा खुला रहेगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान की चेतावनियों को खारिज करते हुए कहा, “Hormuz Strait is open and it will remain open, whether Iran agrees or not.” ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है।
प्रमुख आंकड़े
- दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल (Crude Oil) की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है।
- प्रतिदिन लगभग 20 से 21 मिलियन बैरल तेल इस जलमार्ग से गुजरता है।
- यह जलमार्ग फारस की खाड़ी को अरब सागर और हिंद महासागर से जोड़ता है।
- इसकी चौड़ाई सबसे संकरे हिस्से में लगभग 33 किलोमीटर है।
यदि यह मार्ग बाधित होता है तो वैश्विक तेल बाजार और शिपिंग सेक्टर पर बड़ा असर पड़ सकता है।
ईरान ने भी तेज की जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी हमलों के बीच ईरान ने भी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। रिपोर्टों के अनुसार कतर, बहरीन, जॉर्डन और ओमान में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों की ओर मिसाइल और ड्रोन हमलों की कोशिशें की गई हैं। ईरानी समाचार एजेंसियों फार्स और तस्नीम के अनुसार दक्षिण-पश्चिमी ईरान के तेल उत्पादक क्षेत्र में हुए अमेरिकी हमलों में 2 लोगों की मौत हुई है। हालांकि स्वतंत्र स्तर पर इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है।
अंतरिम समझौते पर मंडराया संकट
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच जून में हुआ अंतरिम समझौता अब गंभीर खतरे में है। लगातार बढ़ते सैन्य हमले पूरे मध्य-पूर्व में अस्थिरता बढ़ा सकते हैं। यदि तनाव इसी तरह जारी रहा तो वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
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