राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी लवकुश मिश्र का ब्लू जोन में बना अवैध मकान एडीए के निशाने पर है। नोटिस के बाद अब सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सकती है।

नई दिल्ली/अमर भारती। Ayodhya News: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल में बंद आरोपी लवकुश मिश्र की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब उसके निर्माणाधीन मकान पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) की जांच में पता चला है कि मकान बिना स्वीकृत मानचित्र के महायोजना-2031 के ब्लू जोन में बनाया जा रहा है, जहां आवासीय निर्माण की अनुमति नहीं है। नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर प्राधिकरण दूसरी नोटिस जारी कर सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
ब्लू जोन में बन रहा था दो मंजिला मकान
जानकारी के अनुसार, लवकुश मिश्र का निर्माणाधीन मकान सआदतगंज के पास बनबीरपुर में स्थित है। यह इलाका महायोजना-2031 के तहत ब्लू जोन में आता है। सीमा विस्तार के बाद यह क्षेत्र अयोध्या विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में शामिल हुआ। जांच में सामने आया कि करीब 1,024 वर्गफुट क्षेत्रफल में दो मंजिला मकान का निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृत कराए कराया जा रहा था, जो प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन है।
पत्नी के नाम भेजा गया नोटिस
अयोध्या विकास प्राधिकरण ने इस अवैध निर्माण को लेकर लवकुश मिश्र की पत्नी सुप्रिया के नाम नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। हालांकि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। प्राधिकरण के सचिव राजेश मिश्र ने पुष्टि की कि अब दूसरी नोटिस (रिमाइंडर) जारी की जाएगी। यदि उसके बाद भी जवाब नहीं मिलता है तो मकान को सील करने या ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।
अक्टूबर 2025 में खरीदी गई थी जमीन
जांच के अनुसार, लवकुश मिश्र ने 16 अक्टूबर 2025 को यह भूखंड अपनी पत्नी सुप्रिया के नाम खरीदा था। दस्तावेजों के मुताबिक—
- जमीन की रजिस्ट्री पर लगभग ₹8.80 लाख खर्च किए गए।
- 6 मार्च 2026 को नामांतरण (दाखिल-खारिज) पूरा हुआ।
- इसके बाद बिना नक्शा स्वीकृत कराए निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
जांच में अवैध निर्माण की पुष्टि
प्राधिकरण के अवर अभियंता सुरेंद्र यादव की जांच में स्पष्ट हुआ कि मकान का निर्माण पूरी तरह अवैध है। न तो भवन का मानचित्र पास कराया गया और न ही निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति ली गई। इसी वजह से अब यह मकान भी जांच एजेंसियों के दायरे में आ गया है।
चढ़ावा चोरी मामले में पहले से जेल में है आरोपी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में लवकुश मिश्र पहले से न्यायिक हिरासत में है। जांच एजेंसियों ने उसके पास से करीब ₹14.25 लाख नकद भी बरामद किए थे। अब उसकी संपत्तियों और आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
क्या होता है ब्लू जोन?
ब्लू जोन (Blue Zone) वह क्षेत्र होता है जिसे मास्टर प्लान में सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक सुविधाओं के लिए आरक्षित किया जाता है।
ब्लू जोन में क्या अनुमति होती है?
- सरकारी कार्यालय
- संस्थागत भवन
- कर्मचारी एवं स्टाफ आवास
- सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं
क्या अनुमति नहीं होती?
- निजी आवासीय भवन
- व्यावसायिक (Commercial) निर्माण
- बिना स्वीकृति किसी भी प्रकार का निजी निर्माण
इसी कारण लवकुश मिश्र का निर्माणाधीन मकान नियमों के विपरीत माना गया है।
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