Education Secretary Transfer: छात्र आंदोलन के बीच केंद्र का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, विनीत जोशी हटे, नरेश पाल गंगवार बने उच्च शिक्षा सचिव

CJP छात्र आंदोलन और पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय भेजा गया, जबकि नरेश पाल गंगवार नए उच्च शिक्षा सचिव बने।

छात्र आंदोलन और पेपर लीक विवाद के बीच उच्च शिक्षा सचिव पद पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद पर बड़ा बदलाव करते हुए नरेश पाल गंगवार को नया सचिव नियुक्त किया है।

नई दिल्ली/अमर भारती। CJP के नेतृत्व में चल रहे छात्र आंदोलन और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के बीच केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद पर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया है। उनकी जगह राजस्थान कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया है। कार्मिक मंत्रालय के तहत आने वाली नियुक्ति संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति यानी ACC ने गुरुवार को कई वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति और तबादलों को मंजूरी दी।

छात्र आंदोलन के बीच हुआ बड़ा बदलाव

सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में प्रदर्शन चल रहा है और छात्रों तथा सरकार के बीच बातचीत को लेकर भी गतिरोध बना हुआ है। प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और पेपर लीक मामलों में कड़ी कार्रवाई समेत कई मांगें उठाई जा रही हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने अधिकारियों के इस प्रशासनिक फेरबदल को छात्र आंदोलन या पेपर लीक विवाद से जोड़कर कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट की बात कही

इस प्रशासनिक फेरबदल से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि देश के युवाओं का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।प्रधानमंत्री ने पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसी बीच बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया कि शिक्षा सचिव को कथित उदासीनता के चलते हटाया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामले में उदासीनता बरतने वाले शिक्षा सचिव को बदल दिया है और पेपर लीक के दोषियों के साथ-साथ लापरवाही या उदासीनता बरतने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी। हालांकि, यह सांसद का राजनीतिक दावा है और सरकार की ओर से अधिकारियों के तबादले का आधिकारिक कारण अलग से नहीं बताया गया है।

नरेश पाल गंगवार बने उच्च शिक्षा विभाग के नए सचिव

ACC के आदेश के मुताबिक, राजस्थान कैडर के 1994 बैच के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। वह फिलहाल पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत हैं। अब वह उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, मणिपुर कैडर के 1992 बैच के आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। वह 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले विवेक भारद्वाज की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे।

स्कूल शिक्षा विभाग में भी बड़ा बदलाव

केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग में भी बदलाव किया है। टी.के. अनिल कुमार को स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। इस तरह शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा और स्कूल शिक्षा—दोनों प्रमुख विभागों में सचिव स्तर पर बदलाव हुआ है। यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब देश में परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।

कई अन्य वरिष्ठ IAS अधिकारियों के भी तबादले

केंद्र सरकार ने कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्तियों को भी मंजूरी दी है। पीयूष गोयल को खान मंत्रालय के सचिव पद से हटाकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी NHRC का महासचिव नियुक्त किया गया है। उनकी जगह केशव चंद्र खान मंत्रालय के नए सचिव होंगे। सुशील कुमार लोहानी को पशुपालन एवं डेयरी विभाग में विशेष कार्य अधिकारी यानी OSD नियुक्त किया गया है। बाद में वह नरेश पाल गंगवार की जगह विभाग के सचिव का पद संभालेंगे। चंद्र भूषण कुमार को वंदना गुरनानी के 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने के बाद श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का सचिव बनाया जाएगा।

LBSNAA समेत कई अहम पदों पर नियुक्तियां

बी. राजेंद्र को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी यानी LBSNAA का नया निदेशक नियुक्त किया गया है। वह 31 जुलाई को श्रीराम तरणीकांति के सेवानिवृत्त होने के बाद यह जिम्मेदारी संभालेंगे। सतेंद्र सिंह को आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के शहरी विकास विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कैबिनेट सचिवालय में विशेष सचिव सुचिंद्र मिश्रा को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का सचिव बनाया गया है। कटिकिथला श्रीनिवास को पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि डी. थारा को आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के पूंजी विकास विभाग का सचिव बनाया गया है।

कई अधिकारियों को सचिव स्तर का इन-सिटू अपग्रेडेशन

सरकार ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को सचिव स्तर पर इन-सिटू अपग्रेडेशन भी दिया है। इनमें भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृण्मय कुमार नारायण, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI के चेयरमैन संतोष कुमार यादव, नीति आयोग के सलाहकार राजीव सिंह ठाकुर और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के महानिदेशक प्रशिक्षण दिलीप कुमार शामिल हैं।

कुल मिलाकर, छात्र आंदोलन और पेपर लीक विवाद के बीच हुआ शिक्षा मंत्रालय का यह प्रशासनिक फेरबदल राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, सरकार ने इसे नियमित प्रशासनिक नियुक्तियों का हिस्सा बताया है, लेकिन इसके समय को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है।

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