AI Deepfake Video: PM मोदी और पीयूष गोयल के फर्जी वीडियो का PIB ने किया भंडाफोड़, FIR दर्ज

AI Deepfake Video के जरिए PM मोदी और पीयूष गोयल के फर्जी बयान वायरल किए गए। PIB Fact Check ने वीडियो को फर्जी बताया, जबकि पीयूष गोयल ने FIR दर्ज कराई है।

PM मोदी और पीयूष गोयल के AI डीपफेक वीडियो का PIB फैक्ट चेक
PIB ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के नाम से वायरल हो रहे AI-जेनरेटेड फर्जी वीडियो को भ्रामक बताया।

नई दिल्ली/अमर भारती। AI Deepfake Video: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के नाम से सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे एआई-जेनरेटेड फर्जी वीडियो को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो यानी PIB की फैक्ट चेक यूनिट ने इन वीडियो को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक करार दिया है। PIB ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ऐसे कोई बयान नहीं दिए हैं। आरोप है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल एडिटिंग तकनीक का गलत इस्तेमाल कर दोनों नेताओं के पुराने वीडियो और ऑडियो में छेड़छाड़ की गई और उन्हें भ्रामक दावों के साथ सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।

PM मोदी और पीयूष गोयल के बयान से छेड़छाड़

PIB फैक्ट चेक यूनिट के मुताबिक, सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे कुछ वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को छात्रों और प्रदर्शनकारियों को धमकाते हुए दिखाने की कोशिश की गई है। वीडियो में एडिटेड ऑडियो और बदले हुए संदर्भ के जरिए यह दिखाया गया कि दोनों नेता छात्रों को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे रहे हैं।

PIB ने साफ किया कि यह वीडियो वास्तविक नहीं हैं। वीडियो में दिखाई देने वाले नेताओं के मूल बयानों को डिजिटल तकनीक के जरिए बदलकर भ्रामक तरीके से पेश किया गया है। फैक्ट चेक यूनिट ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे वीडियो की सत्यता जांचे बिना उन्हें शेयर न करें।

पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा नेटवर्क पर आरोप

PIB फैक्ट चेक यूनिट ने दावा किया है कि इन एआई-जेनरेटेड वीडियो को पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा नेटवर्क से जुड़े हैंडल्स के जरिए प्रसारित और प्रचारित किया जा रहा है। आरोप है कि कुछ प्रोपेगैंडा अकाउंट्स लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के एडिटेड वीडियो को बढ़ावा दे रहे हैं। इन वीडियो का उद्देश्य कथित तौर पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों के बीच भ्रम और डर पैदा करना है। PIB के मुताबिक, वीडियो में ऑडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है और नेताओं के वास्तविक बयानों को बदलकर उन्हें धमकी भरे बयान के रूप में पेश किया गया है।

PM मोदी के पेपर लीक वाले बयान में की गई छेड़छाड़

फैक्ट चेक यूनिट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुरुवार रात जारी उस वीडियो में डिजिटल रूप से बदलाव किया गया, जिसमें उन्होंने पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही थी। इसी तरह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के संसद के बाहर मीडिया से बातचीत वाले वीडियो को भी एडिट किया गया। आरोप है कि उनके मूल बयान को इस तरह बदला गया कि वह प्रदर्शनकारियों को धमकी देते हुए नजर आएं। PIB ने कहा कि ऐसे वीडियो देखने में वास्तविक लग सकते हैं, लेकिन इनमें इस्तेमाल किए गए ऑडियो और वीडियो के हिस्सों को AI और डिजिटल एडिटिंग टूल्स के जरिए बदला गया है।

पीयूष गोयल ने दर्ज कराई FIR

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी अपने नाम से प्रसारित किए जा रहे एक एआई-जेनरेटेड डीपफेक वीडियो के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इस वीडियो में उनके हवाले से ऐसे बयान दिखाए गए थे, जो उन्होंने कभी नहीं दिए।

गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद के बाहर मीडिया से हुई उनकी बातचीत को गलत मंशा से AI तकनीक का इस्तेमाल कर एडिट किया गया और भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए प्रसारित किया गया। उन्होंने कहा कि चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है और फर्जी वीडियो बनाने, उसे प्रसारित करने या बढ़ावा देने में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

‘AI का गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनता को गुमराह करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का गैर-जिम्मेदाराना इस्तेमाल किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी वीडियो या दावे पर तुरंत विश्वास न करें और जानकारी के लिए केवल आधिकारिक तथा सत्यापित स्रोतों पर भरोसा करें। पीयूष गोयल ने विश्वास जताया कि भारत के जागरूक और तकनीक को समझने वाले नागरिक, विशेषकर युवा, फर्जी खबरों और डीपफेक वीडियो की पहचान कर सकेंगे।

PIB फैक्ट चेक से कैसे करें शिकायत?

PIB ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें कोई भ्रामक, फर्जी या डिजिटल रूप से छेड़छाड़ की गई सामग्री दिखाई देती है तो उसकी शिकायत PIB फैक्ट चेक यूनिट को की जा सकती है। इसके लिए लोग PIB के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर या ईमेल के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो भारत सरकार की नोडल एजेंसी है, जो सरकार की नीतियों, योजनाओं, कार्यक्रमों और उपलब्धियों से जुड़ी जानकारी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तक पहुंचाती है। यह सरकार और मीडिया के बीच एक महत्वपूर्ण इंटरफेस के रूप में काम करती है।

PIB फैक्ट चेक पोर्टल को नवंबर 2019 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य सरकारी नीतियों, मंत्रालयों, विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से जुड़ी फर्जी खबरों, अफवाहों और भ्रामक दावों का तथ्य-जांच के जरिए खंडन करना है। AI Deepfake के बढ़ते मामलों के बीच यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल जहां सूचना को तेजी से लोगों तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता है, वहीं इसका दुरुपयोग कर फर्जी खबरें और भ्रामक प्रचार भी फैलाया जा सकता है। ऐसे में किसी भी वायरल वीडियो को साझा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करना बेहद जरूरी है।

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