Ajinkya Rahane Retirement: भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया।

नई दिल्ली/अमर भारती। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और खेल के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। अपने शांत स्वभाव, जिम्मेदार बल्लेबाजी और टीम के लिए समर्पण के लिए पहचाने जाने वाले रहाणे ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा कर अपने फैसले की जानकारी दी। इस घोषणा के साथ भारतीय क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हो गया।
भावुक वीडियो में किया संन्यास का ऐलान
अजिंक्य रहाणे ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह अपने क्रिकेट सफर को याद करते हुए भावुक नजर आए। वीडियो में उनका गला भर आया और वह कई बार भावनाओं को नियंत्रित करने की कोशिश करते दिखाई दिए। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), अपने साथी खिलाड़ियों, कोचों, परिवार और करोड़ों प्रशंसकों का धन्यवाद किया।
वीडियो के साथ रहाणे ने एक भावुक संदेश भी लिखा। उन्होंने कहा, “कैप 278 अब विदा ले रहा है। इतने सालों तक मिले प्यार, समर्थन और विश्वास के लिए आप सभी का धन्यवाद। मैं हमेशा इसके लिए आभारी रहूंगा।” यह संदेश देखते ही सोशल मीडिया पर फैंस ने उन्हें शुभकामनाएं देना शुरू कर दिया।
2011 में किया था अंतरराष्ट्रीय डेब्यू
अजिंक्य रहाणे ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत 31 अगस्त 2011 को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से की थी। इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे भारतीय टीम में अपनी जगह मजबूत की और टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हो गए।
रहाणे ने विदेशों में भारतीय टीम की कई ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई। विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड जैसी कठिन परिस्थितियों में उनकी बल्लेबाजी की खूब सराहना हुई। दबाव के समय टीम को संभालने की उनकी क्षमता उन्हें अन्य बल्लेबाजों से अलग बनाती थी।
तीन साल से टीम इंडिया से थे बाहर
पिछले कुछ वर्षों से अजिंक्य रहाणे भारतीय टीम से बाहर चल रहे थे। उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच के रूप में खेला था। इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में दोबारा मौका नहीं मिला। रहाणे ने अपना आखिरी वनडे मैच वर्ष 2018 में खेला था, जबकि आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला उन्होंने 2016 में खेला था। हालांकि घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में वह लगातार सक्रिय रहे, लेकिन भारतीय टीम में वापसी का इंतजार पूरा नहीं हो सका।
टेस्ट क्रिकेट में शानदार रहा करियर
अजिंक्य रहाणे का सबसे बड़ा योगदान टेस्ट क्रिकेट में माना जाता है। उन्होंने भारत के लिए 85 टेस्ट मैच खेले और 144 पारियों में 38.46 की औसत से 5077 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 12 शतक और 26 अर्धशतक निकले। टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 188 रन रहा। रहाणे ने कई ऐसी पारियां खेलीं जिन्होंने भारत को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। विदेशी धरती पर उनके प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय टेस्ट टीम का अहम स्तंभ बना दिया था।
मेलबर्न, लॉर्ड्स और जोहानिसबर्ग जैसे मैदानों पर उनकी यादगार पारियां आज भी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय हैं। उनकी तकनीक, धैर्य और टीम के लिए खेलने की भावना ने उन्हें खास पहचान दिलाई।
कप्तान के रूप में भी रहे सफल
अजिंक्य रहाणे केवल बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि एक सफल कप्तान भी रहे। उन्होंने भारत की ओर से 6 टेस्ट मैचों में कप्तानी की, जिनमें से 4 मुकाबलों में टीम को जीत मिली जबकि 2 मैच ड्रॉ रहे।
उनकी कप्तानी का सबसे यादगार अध्याय ऑस्ट्रेलिया दौरे पर देखने को मिला, जब उन्होंने कठिन परिस्थितियों में टीम का नेतृत्व किया और भारत को ऐतिहासिक सफलता दिलाई। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि रहाणे की शांत नेतृत्व शैली और खिलाड़ियों पर भरोसा करने की आदत ने उन्हें एक प्रभावशाली कप्तान बनाया।
वनडे और टी20 में भी दिया योगदान
टेस्ट क्रिकेट के अलावा अजिंक्य रहाणे ने सीमित ओवरों के प्रारूप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 90 वनडे मैचों में 35.26 की औसत से 2962 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 3 शतक और 24 अर्धशतक निकले। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रहाणे ने 20 मैच खेले और 113.29 के स्ट्राइक रेट से 375 रन बनाए। हालांकि टी20 प्रारूप में उन्हें ज्यादा अवसर नहीं मिले, लेकिन जब भी मौका मिला उन्होंने टीम के लिए उपयोगी योगदान दिया। उन्होंने तीन वनडे मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की और सभी मुकाबलों में जीत हासिल की। वहीं दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी करते हुए उन्होंने एक जीत और एक हार दर्ज की।
भारतीय क्रिकेट में हमेशा याद किए जाएंगे रहाणे
अजिंक्य रहाणे का करियर केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है। वह उन खिलाड़ियों में शामिल रहे जिन्होंने हमेशा टीम को व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर रखा। मैदान पर उनका शांत व्यवहार, अनुशासन और खेल भावना युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। उनके संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट ने एक ऐसे खिलाड़ी को विदाई दी है जिसने कठिन परिस्थितियों में टीम का साथ निभाया और कई ऐतिहासिक जीतों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्रिकेट प्रशंसक उन्हें एक भरोसेमंद बल्लेबाज, शानदार कप्तान और सच्चे टीम मैन के रूप में हमेशा याद रखेंगे।
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