गुरु पूर्णिमा पर पूर्व विधायक ने की गुरुओं की सेवा: भक्तिभाव से सराबोर रहे बिशुनपुर और मुँजापुर के आश्रम

बाराबंकी। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर श्रद्धा और सेवा का अनुपम उदाहरण देखने को मिला। क्षेत्र के पूर्व विधायक शरद अवस्थी ने मंगलवार को बिशुनपुर स्थित अशोक दास जी महाराज के आश्रम और मुँजापुर के संत कबीर आश्रम पहुंचकर गुरुजनों की सेवा की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। पूर्व विधायक शरद अवस्थी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि है। गुरु ही हमें अज्ञानता के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। गुरु पूर्णिमा का दिन हमें अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में सेवा और समर्पण के भाव को जीवन में उतारने की आवश्यकता है।

बिशुनपुर में हुआ भव्य स्वागत

सुबह पूर्व विधायक शरद अवस्थी सबसे पहले बिशुनपुर पहुंचे। यहाँ अशोक दास जी महाराज के आश्रम में उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। आश्रम परिसर में लगे सत्संग में शामिल होकर भजनों का आनंद लिया। महाराज जी ने उन्हें शॉल और रुद्राक्ष की माला भेंट कर आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर आश्रम में आए सैकड़ों श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। शरद अवस्थी ने आश्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कहा कि धार्मिक स्थलों का संरक्षण और संवर्धन हम सभी का दायित्व है। उन्होंने आश्रम में चल रही सामाजिक गतिविधियों की सराहना की।

मुँजापुर के संत कबीर आश्रम में हुआ भंडारा

इसके बाद पूर्व विधायक मुँजापुर स्थित संत कबीर आश्रम पहुंचे। यहाँ उन्होंने कबीर साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। आश्रम में गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में आयोजित भंडारे में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया। आश्रम के संतों ने शरद अवस्थी को कबीर के दोहे सुनाए और जीवन में सत्य, प्रेम और करुणा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। पूर्व विधायक ने कहा कि संत कबीर का जीवन और उनके विचार आज भी हमें सही राह दिखाते हैं। उनका “मानवता” का संदेश समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ाता है।

श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दोनों आश्रमों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। लोग अपने गुरुओं के चरणों में पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद ले रहे थे। भजन-कीर्तन और प्रवचनों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया था। आश्रम प्रबंधन ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर तीन दिनों से विशेष कार्यक्रम चल रहे हैं। इस दौरान गरीबों को वस्त्र, भोजन और दवाओं का वितरण भी किया जा रहा है।

जनसेवा ही सच्ची गुरु सेवा: शरद अवस्थी

मीडिया से बात करते हुए पूर्व विधायक शरद अवस्थी ने कहा कि गुरु की सच्ची सेवा समाज सेवा में है। शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीब कल्याण के कार्यों से जुड़कर ही हम गुरु के बताए मार्ग पर चल सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे और पाखंड से दूर रहकर मेहनत और ईमानदारी से देश और समाज की सेवा करें। उन्होंने कहा कि बाराबंकी की धरती संतों और महापुरुषों की रही है। यहाँ के आश्रम न केवल धर्म के केंद्र हैं बल्कि सामाजिक चेतना के भी प्रतीक हैं। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे धार्मिक स्थलों के विकास के लिए विशेष योजना बनाई जाए।

कार्यकर्ता रहे मौजूद

इस अवसर पर भाजपा के दर्जनों कार्यकर्ता और पदाधिकारी पूर्व विधायक के साथ मौजूद रहे। आश्रम समिति के सदस्यों ने पूर्व विधायक का माल्यार्पण कर स्वागत किया और क्षेत्र के विकास में उनके योगदान को सराहा।

शांति और सद्भाव का संदेश

गुरु पूर्णिमा का यह कार्यक्रम शांति, सद्भाव और सेवा का संदेश लेकर आया। दोनों आश्रमों में हुए आयोजन से क्षेत्र में धार्मिक चेतना और बढ़ी है। श्रद्धालुओं ने कहा कि नेताओं का इस तरह धार्मिक स्थलों पर आकर सेवा करना समाज के लिए प्रेरणादायक है।