सनातन धर्म के अपमान के विरोध में RHRP का प्रदर्शन: कठोर कार्रवाई और सशक्त कानून बनाने की उठाई आवाज

लखनऊ। देश में सनातन धर्म, धार्मिक प्रतीकों और आस्था के केंद्रों के अपमान की घटनाओं के विरोध में राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की। संगठन के नेताओं का कहना है कि हाल के दिनों में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाओं को आहत कर रही हैं। परिषद ने मांग की कि धार्मिक आस्थाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर संवैधानिक एवं विधिक कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।

संसद परिसर की घटना पर जताई आपत्ति

ज्ञापन में परिषद ने 31 जुलाई 2026 को संसद परिसर में हुए एक विरोध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कुछ सांसदों द्वारा किए गए कथित कृत्यों से सनातन परंपराओं, भगवा वस्त्र, दान-पुण्य की परंपरा तथा भगवान श्रीराम के चित्र के साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया गया। संगठन ने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए राष्ट्रपति से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और इसमें शामिल सभी संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामलों में समयबद्ध कार्रवाई की मांग

राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद का प्रदर्शन ने अपने ज्ञापन में मौलाना जर्जिस अंसारी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण, भगवान शिव और भगवान ब्रह्मा के संबंध में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का भी उल्लेख किया। संगठन का कहना है कि ऐसे मामलों में समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई न होने से समाज में असंतोष की स्थिति उत्पन्न होती है। परिषद ने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की कि किसी भी धर्म, देवी-देवता, महापुरुष अथवा धार्मिक प्रतीकों का अपमान करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

धरना-प्रदर्शन कर एफआईआर दर्ज कराने की दी जानकारी

राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद ने इस दौरान धरना-प्रदर्शन भी किया और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराए जाने की जानकारी दी। संगठन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी धर्म, उसकी आस्था या धार्मिक प्रतीकों के साथ इस प्रकार का व्यवहार करने का साहस न कर सके।

सशक्त कानून बनाने की उठाई मांग

राष्ट्रीय महासचिव मुकेश सनातनी ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि सनातन धर्म के विरुद्ध लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सशक्त कानून बनाए जाएं तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्थाओं का सम्मान बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए आवश्यक है।

बड़ी संख्या में मौजूद रहे पदाधिकारी और कार्यकर्ता

धरना-प्रदर्शन एवं ज्ञापन कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय महासचिव मुकेश सनातनी, साधना सिंह, प्रदेश प्रभारी प्रवेश सनातनी, नगर प्रमुख मंत्री अनिल कुमार सनातनी, राजकुमार सनातनी, अरुण सनातनी, जिला उपाध्यक्ष हिमांशु सनातनी, पवन सनातनी, विकास सनातनी, महेंद्र सनातनी, रंजीत सनातनी और शीतल सनातनी सहित संगठन के सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।