मेरठ में आतंकी जफर की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप, जैश-ए-मोहम्मद से कनेक्शन की जांच तेज

मेरठ में गिरफ्तार आतंकी जफर के जैश-ए-मोहम्मद कनेक्शन की एटीएस जांच कर रही है। मोबाइल, व्हाट्सऐप ग्रुप और संपर्कों से जुड़े कई पहलुओं की जांच जारी है।

मेरठ में गिरफ्तार आतंकी जफर के मामले की एटीएस जांच
मेरठ में मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने जांच का दायरा बढ़ाया।

नई दिल्लीअमर भारती। मेरठ में आतंकी गतिविधियों के मामले में बिहार के पूर्णिया निवासी मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जांच एजेंसी को जफर के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट से कई अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। एटीएस अब उसके संपर्क में रहे लोगों और अलग-अलग शहरों में बने व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़े युवकों की जानकारी जुटा रही है।

जांच के मुताबिक, जफर पर आरोप है कि वह मस्जिद के नाम पर चंदा जुटाकर प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा था। एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या उसका मकसद भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए नेटवर्क तैयार करना था।

पाकिस्तान जाकर ट्रेनिंग लेने की भी थी तैयारी, एटीएस कर रही जांच

जांच में यह भी सामने आया है कि जफर को पाकिस्तान बुलाने की तैयारी की जा रही थी। कथित तौर पर वहां उसे ट्रेनिंग देकर आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करने की योजना थी। हालांकि, इस पूरे दावे और आतंकी जफर के पीछे मौजूद नेटवर्क की पुष्टि के लिए एटीएस की जांच जारी है। े

एटीएस ने जफर के फेसबुक और व्हाट्सऐप अकाउंट का रिकॉर्ड भी खंगाला है। जांच एजेंसी को उसके मोबाइल फोन से कई ऐसे साक्ष्य मिलने की जानकारी है, जिनके आधार पर उसके संपर्क में रहे अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

मेरठ, हापुड़, सहारनपुर और बुलंदशहर के युवकों से जुड़े व्हाट्सऐप ग्रुप की जांच

जफर ने मेरठ, हापुड़, सहारनपुर और बुलंदशहर के युवकों को जोड़कर एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया था। एटीएस अब इस ग्रुप से जुड़े सदस्यों की पहचान और उनकी गतिविधियों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी को आशंका है कि जफर के संपर्क में रहे कुछ अन्य लोग भी मामले से जुड़े हो सकते हैं। इसी आधार पर एटीएस संभावित सहयोगियों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।

मसूद अजहर के साहित्य से प्रभावित होने का दावा

जफर के पास से मिली एक किताब में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर से संबंधित सामग्री का जिक्र होने की बात सामने आई है। जांच के अनुसार, जफर मसूद अजहर से जुड़े किस्सों और आतंकी साहित्य से प्रभावित था। बताया गया है कि वर्ष 1999 में कंधार विमान अपहरण मामले के दौरान मसूद अजहर समेत तीन आतंकियों को जेल से रिहा किया गया था। एटीएस इस सामग्री और जफर की कथित विचारधारा के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है।

2017 में पढ़ाई के लिए मेरठ आया था जफर

जानकारी के मुताबिक, जफर वर्ष 2017 में पढ़ाई के लिए मेरठ आया था। उसने कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित एक मदरसे में पढ़ाई की, लेकिन परीक्षा में असफल होने के बाद बिहार लौट गया। वर्ष 2022 में वह दोबारा मेरठ आया और एक मस्जिद में रहने लगा। बाद में वह हापुड़ के शेरपुर स्थित एक मस्जिद में इमाम के तौर पर रहने लगा। जांच एजेंसी अब उसके मेरठ और हापुड़ में रहने के दौरान संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटा रही है।

बुलंदशहर में रहने वाले बहनोई पर भी नजर

जफर के बुलंदशहर में रहने वाले बहनोई की गतिविधियों पर भी जांच एजेंसी नजर रख रही है। एटीएस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जफर के कथित नेटवर्क में उसके रिश्तेदारों या अन्य परिचितों की कोई भूमिका थी या नहीं। हालांकि, किसी व्यक्ति की संलिप्तता के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों के सत्यापन की मांग

जफर की गिरफ्तारी के बाद अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने मदरसों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के पुलिस सत्यापन की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी मदरसे की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो संबंधित संस्थान के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मदरसों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का पुलिस सत्यापन कराने की भी अपील की, ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सके।

एटीएस की जांच में आगे क्या?

जफर की गिरफ्तारी के बाद अब एटीएस का फोकस उसके डिजिटल रिकॉर्ड, संपर्कों, व्हाट्सऐप ग्रुप और अलग-अलग शहरों में उसके संपर्क में आए लोगों पर है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या जफर अकेले काम कर रहा था या उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। मेरठ, हापुड़, सहारनपुर और बुलंदशहर से जुड़े लोगों की जांच के बाद मामले में और गिरफ्तारियां या नए खुलासे सामने आने की संभावना है। फिलहाल एटीएस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।