डिग्री मिली, कॅरियर बना… मगर इंसान बनना कहीं पीछे छूट गया: गुलाब कोठारी

लखनऊ। फिक्की फ्लो, लखनऊ चैप्टर की ओर से हजरतगंज स्थित यूनिवर्सल बुक सेलर में ‘स्त्री: देह से आगे’ विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुस्तक के लेखक पद्मश्री गुलाब कोठारी ने परिवारों में लड़के और लड़की के पालन-पोषण के तरीकों में आए बदलाव से लेकर शिक्षा, संस्कार, मातृत्व और विवाह जैसे विषयों पर विचार साझा किए।

गुलाब कोठारी ने कहा कि आज शिक्षा का उद्देश्य मुख्य रूप से कॅरियर तक सीमित होकर रह गया है। कॅरियर की दौड़ में व्यक्तित्व निर्माण का पाठ कहीं पीछे छूट गया है। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक ज्ञान केवल किताबों से नहीं मिलता। व्यक्तित्व के विकास के लिए जीवन और संस्कारों से मिलने वाली सीख भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि ईश्वर ने महिलाओं को जो दिव्यता दी है, वह केवल पढ़ाई से प्राप्त नहीं होती। महिला के गर्भ में आने वाला बीज ईश्वर का अंश है। बच्चे का शरीर मां के अंश, उसके स्वास्थ्य और खानपान से बनता है। ऐसे में मां के खानपान और विचारों का असर संतान पर पड़ता है। संतान को संस्कारवान और बेहतर इंसान बनाने में मां की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

शरीर का रिश्ता नहीं, आत्माओं का मिलन है विवाह

विवाह को लेकर कोठारी ने कहा कि विवाह दो आत्माओं का मिलन है। केवल दो शरीरों का संबंध एक तरह का अनुबंध बनकर रह जाता है। जब तक दो आत्माओं का मिलन नहीं होगा, तब तक दोनों अपने कर्मों को बांट नहीं सकते। भारतीय परंपरा में मंत्रों के माध्यम से विवाह दो आत्माओं को जोड़ने का संस्कार है। मंत्रों के शब्दों के स्पंदन में मातृत्व और सकारात्मकता का भाव है। इसी भाव से सात जन्मों के रिश्ते की कल्पना की गई है।

सवालों में उभरी स्त्री की भूमिका

कार्यक्रम के दौरान कोठारी ने शहर के प्रबुद्धजनों, लेखकों, अधिकारियों और महिलाओं के साथ संवाद किया। फिक्की फ्लो, लखनऊ चैप्टर की सिमरन साहनी, यूनिवर्सल बुक सेलर के मानव प्रकाश व राघव प्रकाश, कहानीकार प्रेरणा पांडे, एसीपी अभिषेक कुमार पांडेय सहित महिलाओं और प्रबुद्धजनों ने उनसे सवाल पूछे।

कोठारी ने कहा कि स्त्री की भूमिका के बारे में किताबों और ग्रंथों में पर्याप्त चर्चा नहीं हुई है। इसे समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज सवाल यह भी है कि महिलाएं खुद को ही नहीं समझ पा रही हैं। कई बार वे अपनी तकलीफ दूसरी महिला से भी साझा नहीं कर पातीं।

शुक्रवार को बाराबंकी और लखनऊ में संवाद

गुलाब कोठारी शुक्रवार को दोपहर 12 बजे बाराबंकी स्थित एसआरएम यूनिवर्सिटी और शाम 6 बजे लखनऊ स्थित एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में ‘स्त्री: देह से आगे’ विषयक विमर्श कार्यक्रम में विद्यार्थियों और प्रबुद्धजनों को संबोधित करेंगे।