नेपाल बाढ़ के 9 दिन बाद चमत्कार! हाइड्रोपावर टनल से 2 मजदूर जिंदा निकले, 500 लोगों के फंसे होने की आशंका

नेपाल बाढ़ के 9 दिन बाद त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टनल से 2 मजदूर जिंदा निकाले गए। सुरंग में 500 लोगों के फंसे होने की आशंका है।

नेपाल बाढ़ के बाद त्रिशूली हाइड्रोपावर टनल से दो मजदूरों का रेस्क्यू
त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से रेस्क्यू किए गए दो मजदूर।

नई दिल्ली/अमर भारती। नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के नौ दिन बाद राहत और उम्मीद की बड़ी खबर सामने आई है। त्रिशूली इलाके में स्थित एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से बचाव दल ने कम से कम दो मजदूरों को जिंदा बाहर निकाल लिया है। कीचड़ और मलबे से भरी सुरंग से दो लोगों के सुरक्षित निकलने के बाद रेस्क्यू टीम को उम्मीद जगी है कि अंदर अभी कुछ और लोग भी जीवित हो सकते हैं। यह रेस्क्यू ऐसे समय में हुआ है, जब बाढ़ के बाद कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के लापता होने की खबर है।

त्रिशूली-3A प्रोजेक्ट की टनल से निकाले गए दो मजदूर

स्थानीय टीवी चैनलों पर सामने आई तस्वीरों में रेस्क्यू टीम के सदस्य कीचड़ से सने मजदूरों को अपने कंधों पर उठाकर सुरंग से बाहर लाते दिखाई दिए। जैसे ही एक मजदूर को सुरंग से बाहर निकाला गया, वहां मौजूद बचावकर्मियों ने तालियां बजाकर खुशी जाहिर की। नेपाल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजा राम बस्नेत ने दो मजदूरों के सुरक्षित बचाए जाने की पुष्टि की है।

बताया जा रहा है कि दोनों मजदूरों की पहचान कबीर महाराजन और संजय शाह के रूप में हुई है। शाह नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी में मैकेनिकल फोरमैन हैं, जबकि महाराजन त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में सुपरवाइजर के तौर पर काम करते हैं।

सुरंग के अंदर से सुनाई दी आवाजें

बचाव अभियान के दौरान सुरंग के अंदर से आवाजें सुनाई देने की जानकारी सामने आई है। इससे रेस्क्यू टीम की उम्मीदें और मजबूत हुई हैं। बाढ़ प्रभावित नुवाकोट जिले के पुलिस प्रमुख बिपिन रेग्मी के मुताबिक, सुरंग के अंदर से आवाजें सुनाई देने के बाद बचाव दल को लगा कि वहां अभी और लोग जीवित हो सकते हैं। रेस्क्यू टीम सुरंग में फंसे कर्मचारियों तक पहुंचने के लिए लगातार मलबा और मिट्टी हटाने में जुटी हुई थी। एक वीडियो में करीब एक दर्जन बचावकर्मी जमीन में बने छोटे से रास्ते से एक व्यक्ति को बाहर निकालते नजर आए। दो मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना इस पूरे बचाव अभियान में बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।

500 मजदूरों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका

नेपाल में आई बाढ़ के बाद कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स प्रभावित हुए हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, करीब 12 हाइड्रोपावर परियोजनाओं से लगभग 900 कर्मचारी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें से करीब 500 लोगों के सुरंगों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई गई है। ऐसे में त्रिशूली-3A प्रोजेक्ट की सुरंग से दो लोगों का जिंदा मिलना रेस्क्यू टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण सफलता है। बचाव दल अब सुरंग के अन्य हिस्सों में भी पहुंचने की कोशिश कर रहा है। अंदर से आवाजें मिलने की खबर के बाद उम्मीद की जा रही है कि कुछ और लोगों को भी सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है।

नेपाल बाढ़ में भारी तबाही, हजारों लोग लापता

नेपाल में आई बाढ़ और अचानक आई बाढ़ की घटनाओं ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 26 अगस्त को भोटेकोशी में अचानक आई बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई और हजारों लोग लापता बताए गए हैं। नेपाल की डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1,290 लोगों की मौत और 5,000 से ज्यादा लोगों के लापता होने की बात कही गई है। वहीं, चीन ने भी तिब्बत के सीमावर्ती क्षेत्र में बाढ़ से भारी नुकसान की जानकारी दी है। चीन के मुताबिक, तिब्बत की तरफ 21 लोगों की मौत हुई है, जबकि 541 लोग लापता बताए गए हैं।

दो जिंदगियां बचीं, अब बाकी लोगों की तलाश तेज

नौ दिन तक मलबे और सुरंग के भीतर फंसे रहने के बाद दो मजदूरों का जिंदा बाहर आना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की किरण है। अब रेस्क्यू टीम की सबसे बड़ी चुनौती सुरंग के उन हिस्सों तक पहुंचना है, जहां अभी भी लोगों के फंसे होने की आशंका है। सुरंग से आई आवाजों ने बचाव अभियान में नई उम्मीद पैदा कर दी है। हर गुजरते घंटे के साथ रेस्क्यू टीम की कोशिश यही है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। नेपाल बाढ़ की इस त्रासदी में दो मजदूरों का जिंदा बचना सिर्फ एक रेस्क्यू सफलता नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण है, जो अब भी अपने लापता परिजनों के लौटने का इंतजार कर रहे हैं।