
नई दिल्ली/अमर भारती। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रबंधन को अब नई प्रशासनिक व्यवस्था मिलने जा रही है। राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने गुरुवार को पदभार संभाल लिया। उनके पदभार ग्रहण करने के साथ ही मंदिर की वैधानिक, प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है।
अब CEO के सहयोग के लिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट आवश्यकता के अनुसार विभिन्न पदों पर नियुक्तियां करेगा। इनमें Joint CEO और Deputy CEO के पद सबसे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इन दोनों पदों पर भी जल्द नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
राम मंदिर के CEO की होगी बड़ी जिम्मेदारी
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र की मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर नियुक्ति के बाद मंदिर से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी अब CEO के स्तर पर होगी। इसमें मंदिर के वैधानिक, प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों का संचालन प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा प्रतिदिन बड़ी संख्या में अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के दर्शन, सुविधाओं और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना भी CEO के सामने बड़ी जिम्मेदारी होगी। राम मंदिर में रोजाना डेढ़ से दो लाख तक श्रद्धालुओं के पहुंचने की स्थिति में भीड़ प्रबंधन, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय, मंदिर परिसर की सुविधाएं और प्रशासनिक कार्यों का प्रभावी संचालन महत्वपूर्ण होगा।
Joint CEO और Deputy CEO की जल्द होगी नियुक्ति
CEO के बाद Joint CEO और Deputy CEO को मंदिर प्रशासन में महत्वपूर्ण पद माना जा रहा है। इन पदों पर नियुक्ति के लिए ट्रस्ट चयन समिति की ओर से सुझाए गए नामों पर विचार करेगा। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि के अनुसार, CEO पद के लिए चयन समिति ने तीन नामों का पैनल सुझाया था। इनमें से एक नाम पर अंतिम निर्णय लेते हुए जितेंद्र मिश्र को CEO नियुक्त किया गया है। पैनल में शामिल अन्य दो नामों का इस्तेमाल अब Joint CEO और Deputy CEO जैसे पदों पर नियुक्ति के लिए किया जा सकता है।
रिटायर्ड मेजर जनरल और रिटायर्ड IAS अधिकारी के नाम भी पैनल में
CEO के लिए सुझाए गए पैनल में रिटायर्ड मेजर जनरल संजय प्रताप सिंह और रिटायर्ड IAS श्रुति भारद्वाज के नाम भी शामिल थे। ट्रस्ट इन नामों पर विचार करते हुए आवश्यकता के अनुसार संबंधित अधिकारियों को अन्य जिम्मेदारियों के लिए आमंत्रित कर सकता है। चयन समिति ने भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर उपयोग के लिए तीन अन्य नाम भी प्राथमिकता के आधार पर सुझाए हैं। इससे साफ है कि ट्रस्ट राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को चरणबद्ध तरीके से मजबूत करने की तैयारी में है। रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र का चयन प्रशासनिक तौर पर मजबूत कड़ी को दर्शाता है।
CEO कार्यालय में भी होगी कर्मचारियों की नियुक्ति
राम मंदिर के प्रशासन को सुचारु तरीके से चलाने के लिए CEO कार्यालय में भी कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। ट्रस्ट और CEO के समन्वय से विभिन्न पदों और जिम्मेदारियों का खाका तैयार किया जाएगा। कितने कर्मचारियों की आवश्यकता होगी और किन-किन पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, इसकी संख्या और विस्तृत ढांचा जल्द निर्धारित किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर इन पदों के लिए सार्वजनिक विज्ञापन भी जारी किए जा सकते हैं। रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र के पदभार ग्रहण करने के बाद भर्तियां निकाली जाएंगी।
राम मंदिर ट्रस्ट को जल्द मिलेगा नया प्रवक्ता
राम मंदिर ट्रस्ट के लिए प्रवक्ता पद पर भी योग्य व्यक्ति की तलाश जारी है। ट्रस्ट चाहता है कि इस पद पर ऐसा व्यक्ति नियुक्त किया जाए, जिसे राम मंदिर, मंदिर प्रबंधन और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली की गहरी जानकारी हो। प्रवक्ता की जिम्मेदारी मीडिया के सामने ट्रस्ट का पक्ष प्रभावी और तथ्यात्मक तरीके से रखने की होगी। ट्रस्ट की गतिविधियों और निर्णयों से पूरी तरह परिचित व्यक्ति को इस पद के लिए प्राथमिकता दी जा सकती है। रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र के नियुक्ति को लेकर लोगों के सुझाव सकारात्मक आ रहे हैं।
चार करोड़ रुपये के चेक मामले में कार्रवाई नहीं
दान से जुड़े एक अन्य मामले में ट्रस्ट ने तमिलनाडु की श्रद्धालु एस. नागलक्ष्मी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का निर्णय लिया है। बताया गया कि महिला श्रद्धालु ने करीब चार करोड़ दस हजार रुपये दान के रूप में देने की बात कही थी। चेक को बैंक में क्लियरेंस के लिए लगाए जाने पर खाते में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध नहीं थी। ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव रहे ट्रस्टी कृष्णमोहन के मुताबिक, इस मामले में फिलहाल किसी कार्रवाई का औचित्य नहीं है। यदि संबंधित महिला भविष्य में ट्रस्ट से दोबारा संपर्क करती हैं तो आगे की प्रक्रिया पर विचार किया जा सकता है। रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र का नाम चयन के बाद व्यवस्था में बदलाव की स्थिति साफ दिखाई देने लगी है।
दो दिसंबर को होगी ट्रस्ट की अगली बैठक
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगली त्रैमासिक बैठक दो दिसंबर को प्रस्तावित है। ट्रस्ट अध्यक्ष के उत्तराधिकारी और विशेष आमंत्रित सदस्य महंत कमलनयन दास ने इसकी जानकारी दी है। हाल के महीनों में ट्रस्ट की कई महत्वपूर्ण बैठकें हो चुकी हैं। जिसके उपरांत रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र के नाम पर मुहर लगी है। चढ़ावा चोरी के मामले के सामने आने के बाद 6 जुलाई, 22 जुलाई और 2 सितंबर को बैठकें आयोजित की गई थीं, जिनमें मंदिर प्रशासन और प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अब दिसंबर में होने वाली बैठक में भी मंदिर प्रशासन, नई नियुक्तियों और व्यवस्थाओं से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
राम मंदिर प्रशासन में नए दौर की शुरुआत
राम मंदिर के पहले CEO के रूप में जितेंद्र मिश्र के पदभार संभालने के साथ मंदिर प्रशासन में एक नई व्यवस्था की शुरुआत हुई है। आने वाले समय में Joint CEO, Deputy CEO समेत अन्य पदों पर नियुक्तियां होने के बाद प्रशासनिक ढांचा और मजबूत होने की उम्मीद है।
करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र राम मंदिर में लगातार बढ़ती भीड़ और बढ़ती जिम्मेदारियों को देखते हुए एक पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अब CEO और उनकी टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी—श्रद्धालुओं की सुविधा, पारदर्शी प्रशासन और मंदिर की व्यवस्थाओं का प्रभावी संचालन।
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