आरक्षण के मुद्दे को लेकर बीजेपी पर बरसे अखिलेश बोले- आरक्षण भिक्षा नहीं अधिकार है

लखनऊ। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि आरक्षण समानता का सबसे बड़ा माध्यम है। इस दौरान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यदि बुलडोजर चलाना है तो समाज में फैली गैरबराबरी को खत्म करने के लिए चलाया जाए।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यदि संविधान के अधिकार लागू करवाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़े, तो यह सरकार की पक्षपातपूर्ण सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पक्षपात अपने आप में अन्याय है और यह लोगों के हक-अधिकार छीनता है।

बीजेपी पर साधा निशाना

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार आरक्षण को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर ने सामाजिक भेदभाव खत्म करने और बराबरी लाने के लिए संविधान में आरक्षण की व्यवस्था की थी, लेकिन 2014 के बाद इसे कमजोर करने की साजिश तेज हुई है।

उन्होंने कहा कि लेटरल एंट्री और अन्य व्यवस्थाओं के जरिए वंचित वर्ग को अवसरों से दूर किया जा रहा है। उनके मुताबिक भाजपा “संवैधानिक आरक्षण के साथ फाउल प्ले” कर रही है और वंचित समाज को आगे बढ़ने से रोकना चाहती है।

आरक्षण भिक्षा नहीं, अधिकार है

पूर्व सीएम और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि आरक्षण सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करता है और लोकतंत्र को बचाने का काम करता है। उन्होंने कहा कि आरक्षण भिक्षा नहीं, अधिकार है” और इसे न मानना संविधान का अपमान है।