बड़े मंगल के मंच से अखिलेश ने खोले सियासत के कई पन्ने


लखनऊ में बड़े मंगल के अवसर पर आयोजित भंडारा वितरण कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने परंपरा, अयोध्या विवाद, 2027 विधानसभा चुनाव और भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए।
अखिलेश यादव ने कहा कि लखनऊ ने भंडारे की परंपरा के असली उद्देश्य को आज भी जीवित रखा है। बड़े मंगल का भंडारा समाज में मेल-मिलाप और आपसी जुड़ाव का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा पूरे देश में अनोखी है और इसे शुरू करने वालों को हमेशा याद किया जाना चाहिए। उन्होंने नवाबों द्वारा शुरू की गई इस परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि आजादी के बाद भी इसका जारी रहना भारत की खूबसूरती को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “पेट पूजा से बड़ी कोई पूजा नहीं है।”
अयोध्या में चढ़ावे और कथित गड़बड़ी के आरोपों पर अखिलेश यादव ने कहा कि इस मामले से सनातनियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच कर रही एसआईटी की जांच कौन करेगा और कहा कि जिन अधिकारियों को जांच के लिए भेजा गया है, उनकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर सेवादारों को समय पर और उचित वेतन मिलता तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती।
एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi के साथ गठबंधन की अटकलों पर अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ है और आगे भी उसी के साथ चुनाव लड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि 2024 में भाजपा को हराने वाला गठबंधन भविष्य में भी मजबूत रहेगा।
2027 विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि जनता भी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, विदेश नीति और किसानों के मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा विधानसभा क्षेत्रों में सर्वे करा रही है और उसी के आधार पर चुनाव की रणनीति तय करेगी।
उन्होंने दावा किया कि यदि किसानों को खाद और डीएपी की उपलब्धता नहीं मिली तो सरकार जनता के आक्रोश से बचने के लिए समय से पहले चुनाव कराने का फैसला भी कर सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि कानून की एफआईआर अपनी जगह है, लेकिन भगवान की एफआईआर उन लोगों के खिलाफ जरूर होगी जिन्होंने श्रद्धालुओं के चढ़ावे पर डाका डाला है।