Ankit Sharma Murder Case: ताहिर हुसैन समेत 5 दोषियों को उम्रकैद, दिल्ली दंगा हत्या मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला

Ankit Sharma Murder Case में दिल्ली की अदालत ने AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

Ankit Sharma Murder Case court verdict against Tahir Hussain and other convicts
दिल्ली दंगा हत्या मामले में अदालत ने ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

नई दिल्ली/अमर भारती। दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े बहुचर्चित Ankit Sharma Murder Case में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अदालत ने इससे पहले ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य संबंधित धाराओं में दोषी ठहराया था।

दिल्ली दंगा हत्या मामले में आया बड़ा फैसला

यह मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़ा है। अदालत ने मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सजा पर अपना फैसला सुनाया। इस फैसले को दिल्ली दंगों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में से एक माना जा रहा है।

ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद

अदालत ने ताहिर हुसैन सहित सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही विभिन्न धाराओं के तहत अलग-अलग जुर्माने भी लगाए गए हैं। अदालत ने कहा कि अपराध की प्रकृति बेहद गंभीर और समाज को झकझोर देने वाली है।

अभियोजन ने की थी फांसी की मांग

सजा पर बहस के दौरान अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक ने अदालत से दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। अभियोजन का तर्क था कि हत्या पूरी तरह सुनियोजित, क्रूर और समाज में भय का वातावरण पैदा करने वाली थी। इसलिए इसे “रेयरेस्ट ऑफ द रेयर” श्रेणी में रखते हुए कठोरतम सजा दी जानी चाहिए।

बचाव पक्ष ने कम सजा देने की अपील की

वहीं बचाव पक्ष ने मृत्युदंड का विरोध करते हुए कहा था कि मामला “रेयरेस्ट ऑफ द रेयर” की श्रेणी में नहीं आता। बचाव पक्ष ने दोषियों की पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए अदालत से नरमी बरतने और कम सजा देने का अनुरोध किया था।

कोर्ट ने हत्या को बताया बेहद क्रूर अपराध

सजा सुनाते समय अदालत ने टिप्पणी की कि अंकित शर्मा की हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई। अदालत के अनुसार, पीड़ित के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और हत्या के बाद शव को नाले में फेंक दिया गया। कोर्ट ने कहा कि यह अपराध समाज की संवेदनाओं को झकझोरने वाला है।

हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अभियोजन द्वारा ताहिर हुसैन के घर को दंगों का “लॉन्च पैड” बताए जाने संबंधी दलील इस मामले में तय आरोपों का हिस्सा नहीं थी, इसलिए सजा निर्धारण में उसे आधार नहीं बनाया गया।

अंकित शर्मा का शव नाले से मिला था

गौरतलब है कि IB अधिकारी अंकित शर्मा का शव 26 फरवरी 2020 को चांदबाग क्षेत्र के एक नाले से बरामद हुआ था। उनकी मौत ने उस समय देशभर में व्यापक चर्चा और राजनीतिक बहस को जन्म दिया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। अदालत के इस फैसले के साथ ही लंबे समय से चल रही न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। हालांकि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अपील की संभावना बनी हुई है।

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