
लखनऊ, । राजधानी लखनऊ में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम ने पारंपरिक आयोजनों से अलग हटकर सामाजिक बदलाव का सशक्त संदेश दिया। यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे जागरूकता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ठोस पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।
NSDI Digital Institute और ऑक्सीजन मैन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में रकाबगंज स्थित आर.के. पैलेस में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाबा साहेब के विचारों, उनके संघर्ष और संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान जहां मंच से बाबा साहेब के सिद्धांतों पर विस्तार से चर्चा की गई, वहीं उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने के प्रयास भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिए। इस अवसर पर करीब 400 जरूरतमंद परिवारों को कपड़े वितरित किए गए, जबकि कई परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई मशीनें भी प्रदान की गईं।
‘ऑक्सीजन मैन’ के नाम से प्रसिद्ध राजेश जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब का जीवन इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा और जागरूकता ही वास्तविक परिवर्तन की नींव हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जयंती मनाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनके विचारों को अपने जीवन में उतारते हुए समाज में समानता और न्याय स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में नयीम आदिल (डायरेक्टर), राजेश कुमार गौतम (वाइस प्रेसिडेंट) और सलमान नसीम (सेक्रेटरी) सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को “जयंती से जागरूकता और जागरूकता से आत्मनिर्भरता” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
वक्ताओं ने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त समान अधिकारों का वास्तविक लाभ तभी संभव है, जब समाज का हर वर्ग जागरूक हो। इस दौरान सामाजिक समरसता, शिक्षा और समानता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने एक समरस और सशक्त समाज के निर्माण का संकल्प भी लिया।
इस अवसर पर विधायक माननीय रवि दास मेहरोत्रा, पूर्व राज्यमंत्री मुन्ना सिंह धानुक, वरिष्ठ अधिवक्ता आफ़ताब मलिक, गोलागंज के पूर्व पार्षद फैजान अली तथा बसपा के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेश गौतम सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता अभियान निरंतर जारी रहेंगे। यह आयोजन इस बात का सशक्त उदाहरण बना कि यदि जयंती जैसे अवसरों को सही दिशा दी जाए, तो वे समाज में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन की मजबूत नींव रख सकते हैं।