Chandauli Advocate Assault Case: अधिवक्ताओं ने आरोपी लेखपाल की गिरफ्तारी की मांग की

चंदौली। सकलडीहा तहसील के अधिवक्ता उपेंद्र सिंह पर हुए कथित प्राणघातक हमले को लेकर जिले के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित बार सभागार में डिस्ट्रिक्ट डेमोक्रेटिक बार एसोसिएशन और राष्ट्रीय अधिवक्ता संघ की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिवक्ताओं ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी लेखपाल की तत्काल गिरफ्तारी और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो अधिवक्ता समाज व्यापक आंदोलन शुरू करेगा।
अधिवक्ता पर हमला न्याय व्यवस्था पर हमला: बार अध्यक्ष
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिस्ट्रिक्ट डेमोक्रेटिक बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने कहा कि किसी अधिवक्ता पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरे न्यायिक तंत्र और अधिवक्ता समाज की गरिमा पर सीधा प्रहार है।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उनके साथ हिंसा या अभद्रता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि आरोपी लेखपाल को तत्काल गिरफ्तार कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
दो दिन में गिरफ्तारी नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन
बैठक में अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि अगले दो दिनों के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती है तो जिलेभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बार एसोसिएशन ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन समय सीमा के भीतर कार्रवाई करने में विफल रहता है तो आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि आंदोलन केवल चंदौली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर इसे प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।
राष्ट्रीय अधिवक्ता संघ ने घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
राष्ट्रीय अधिवक्ता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व महामंत्री जनमेजय सिंह ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज कानून और न्याय व्यवस्था की रक्षा के लिए कार्य करता है। ऐसे में किसी अधिवक्ता पर हमला पूरे न्यायिक तंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आरोपी लेखपाल सहित इस मामले में शामिल सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी कर निष्पक्ष जांच के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आरोपी की पैरवी नहीं करेगा कोई अधिवक्ता
संयुक्त बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि अधिवक्ता पर हमले के आरोपी लेखपाल की ओर से जिले का कोई भी अधिवक्ता न्यायालय में पैरवी नहीं करेगा।
बार पदाधिकारियों का कहना था कि अधिवक्ता समाज अपने सम्मान और सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। दोषियों को कानून के दायरे में लाना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की उठी मांग
बैठक में मौजूद अधिवक्ताओं ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि जांच पारदर्शी होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक में बड़ी संख्या में अधिवक्ता रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में बार एसोसिएशन और राष्ट्रीय अधिवक्ता संघ के अनेक पदाधिकारी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता उपस्थित रहे।
बैठक में पूर्व अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, संतोष सिंह, विद्या चरण सिंह, महामंत्री सुल्तान अहमद, पूर्व महामंत्री जनमेजय सिंह, हाजी मुहम्मद अकरम, शमशुद्दीन, राजबहादुर सिंह, उपाध्यक्ष रामशंकर यादव, राहुल सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भाग लिया और घटना की एक स्वर में निंदा की।
अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद जिले में अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अधिवक्ता संगठनों का कहना है कि न्याय व्यवस्था से जुड़े लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति होती है तो अधिवक्ता समाज और अधिक व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होगा।
आंदोलन की चेतावनी
चंदौली में अधिवक्ता उपेंद्र सिंह पर हुए कथित हमले के बाद अधिवक्ता समाज में गहरा आक्रोश है। बार एसोसिएशन और राष्ट्रीय अधिवक्ता संघ ने आरोपी लेखपाल की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। अब सभी की निगाहें पुलिस और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। (Expose India)
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