CM योगी के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे सरकारी सड़क पर बने अवैध मकान व दुकानें, अवैध वसूली से अधिकारी बना रहे पैसा

फर्रूखाबाद: फतेहगढ़ नगलादीना रेलवे स्टेशन रोड इन दिनों अतिक्रमणकारियों की दबंगई से जूझ रहा है. सरकारी सड़क पर बने दुकान व मकान लगातार सीएम योगी के आदेशों को मुंह चिढ़ा रही है। रेलवे स्टेशन से आने वाले यात्रियों ही नहीं बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी यहां से गुज़रना रोज़-रोज़ की परेशानी का सबब बन चुका है. कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है।

अवैध वसूली और तंत्र में पैठ बना कारण!

जानकारी के मुताबिक अवैध इमारत पर कुछ सरकारी तंत्र में पैठ रखने वाले लोगों का कब्ज़ा है. आरोप है कि अवैध इमारत को अंतिम नोटिस मिलने के बावजूद न गिराए जाने के पीछे अवैध वसूली का खेल भी चल रहा है। आरोप यह भी हैं कि सरकारी सड़क की जमीन की पैमाइश मे कई दुकान और होटल भी अतिक्रमण की ज़द में आ रहे हैं जिनसे अतिक्रमण कर्ताओं को अच्छी खासी आय होती है जिसके चलते अतिक्रमण को बचाने के लिए पैसे देकर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों का मुंह बंद कर दिया जाता है। यह आरोप किसी और ने नहीं बल्कि शिकायतकर्ता ने प्रार्थना पत्र में सबूतों के साथ दिए गए विवरण में लिखे है.

मामला कई दिनों से अटकाने के पीछे लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड फतेहगढ के अधिशासी अभियंता पर अवैध वसूली के आरोप भी लग रहे हैं. शिकायतकर्ता ने अपने शिकायत पत्र में लिखा है –

“अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय खंड, फतेहगढ़ द्वारा अतिक्रमणकर्ता दुकानदारों से एक मुश्त धनराशि (लंपसम राशि) लेने के बाद मासिक वसूली (महीना बंदी) करने के कारण सरकारी सड़क की जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिला शासकीय अधिवक्ता की विधिक राय प्राप्त होने के बावजूद मजिस्ट्रेट नामित न करने, तिथि निर्धारित न करने तथा पुलिस बल उपलब्ध न कराने से स्पष्ट होता है कि अवैध वसूली के कारण अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही रोकी जा रही है।“

नोटिस की अंतिम तारीख के बावजूद अनदेखी

शिकायतकर्ता ने बताया कि अतिक्रमण कर्ताओं को अंतिम नोटिस 29.04.2026 को दिया गया था जिला शासकीय अधिवक्ता से विधिक राय मिलने के पश्चात अग्रिम कार्रवाई की बात कही गई थी लेकिन जिला शासकीय अधिवक्ता फर्रुखाबाद द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही किए जाने की विधिक राय देने के बाद भी कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है।

18 लोगों का सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा

18 अतिक्रमणकर्ताओं को इस मामले में नोटिस जारी किया गया था. विभागीय आख्या में यह भी बताया कि मजिस्ट्रेट नामित कर पुलिस बल उपलब्ध होते ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी, इसके अलावा भी कई कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया गया लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि अंतिम नोटिस जारी होने के बावजूद भी अभीतक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई. शिकायतकर्ता समीर यादव ने इस मामले में अविलंब कार्रवाई की मांग की है.

आदेशों की अवहेलना

इस मामले में प्रभारी अधिकारी एवं उप जिलाधिकारी द्वारा दिए गए आदेशों की भी अवहेलना का मामला बनता है। क्या वजह है जो अभियंता वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की भी अवहेलना करने से नहीं चूकते. फिलहाल शिकायतकर्ता समीर यादव की शिकायत पर प्रभारी अधिकारी/उप जिलाधिकारी, तहसील सदर, फर्रुखाबाद द्वारा अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग, फतेहगढ़ को पूर्व में लगाई गई आख्याओं का संदर्भ लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।

सीएम योगी के आदेशों को ठेंगा दिखा रही अवैध इमारत

अब देखना यह है कि इस आदेश का सम्मान होता है या फिर अवैध वसूली का खेल इतना बड़ा है कि सीएम योगी के आदेशों को भी ठेंगा दिखाया जाएगा. रेलवे स्टेशन रोड फतेहगढ़ में खड़ी यह अवैध इमारत कबतक माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों को मुंह चिढ़ाती रहेगी. फिलहाल इंतज़ार इस बात का है कि अंतिम तारीख कब सामने आएगी या फिर अपनी जेबें भरकर तारीख पर तारीख का खेल यूं ही चलता रहेगा.