चक्रवात अर्नब: दिल्ली-NCR में बारिश, सिक्किम में बर्फबारी; आंध्र में 5 मौतें

दिल्ली-NCR में बारिश, आंध्र प्रदेश में 5 मौतें, उत्तर की ओर बढ़ रहा है चक्रवात

चक्रवात अर्नब का असर, आंध्र प्रदेश में तूफान और उत्तर भारत में बारिश की संभावना
चक्रवात अर्नब के कमजोर होने के बाद कई राज्यों में बारिश की संभावना जताई गई है।

डिजिटल डेस्क, अमर भारती। चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ गया है, लेकिन इसके अवशेषों का असर अब दूसरे राज्यों में भी दिखाई देने की बात सामने आई है। दिल्ली-NCR में बारिश और सिक्किम में बर्फबारी दर्ज होने का उल्लेख है। वहीं, आंध्र प्रदेश में तूफान से जुड़ी घटनाओं में पांच लोगों की मौत की जानकारी दी गई है। मौसम विभाग के बुलेटिनों के हवाले से बताया गया है कि यह सिस्टम उत्तर की ओर बढ़ रहा है और अगले कुछ दिनों में पूर्वी तथा उत्तरी भारत के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है।

चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट पर किया लैंडफॉल

दिए गए कंटेंट के मुताबिक, चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर 2026 की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम के तट पर लैंडफॉल किया। उस समय इसकी अधिकतम हवा की गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई, जबकि झोंकों की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का जिक्र है।

तूफान के नरसापुर के पूर्व-उत्तर-पूर्व में करीब 20 किलोमीटर, यनम के दक्षिण-पश्चिम में 40 किलोमीटर और काकीनाडा के दक्षिण-पश्चिम में लगभग 60 किलोमीटर के आसपास तट से टकराने की जानकारी दी गई है। लैंडफॉल की प्रक्रिया सुबह 2 बजे से 8 बजे के बीच पूरी हुई।

तट से टकराने के बाद तूफान की ताकत धीरे-धीरे कम होने लगी। पहले यह भीषण चक्रवाती तूफान से कमजोर होकर चक्रवाती तूफान बना और फिर डीप डिप्रेशन में बदल गया।

उत्तर की ओर बढ़ रहा है चक्रवात का अवशेष

मूल कंटेंट में बताया गया है कि 28 अक्टूबर की रात करीब 11:30 बजे यह सिस्टम उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश, दक्षिण ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्वी तेलंगाना के आसपास केंद्रित था। इसकी स्थिति अक्षांश 17.8 डिग्री उत्तर और देशांतर 81.8 डिग्री पूर्व के आसपास बताई गई है।

29 अक्टूबर की सुबह तक इसके डिप्रेशन और शाम तक वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदलने की संभावना जताई गई है। कमजोर होने के बावजूद यह सिस्टम आसपास के इलाकों के मौसम को प्रभावित कर सकता है।

दिल्ली-NCR में बारिश, सिक्किम में बर्फबारी का जिक्र

चक्रवात अर्नब के कमजोर पड़ने के बाद भी मौसम में बदलाव की संभावना बनी हुई है। दिए गए समाचार कंटेंट में दिल्ली-NCR में बारिश और सिक्किम में बर्फबारी का उल्लेख है। हालांकि, इन दोनों क्षेत्रों में दर्ज मौसमी बदलाव का चक्रवात के अवशेषों से सीधा संबंध स्पष्ट करने वाला विस्तृत विवरण इसमें नहीं दिया गया है।

मौसम संबंधी पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में गरज-चमक के साथ बारिश तथा ओले पड़ने की संभावना बताई गई है। वहीं, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है।

उत्तर भारत में तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना भी जताई गई है। हालांकि, किसी खास शहर में बारिश या बर्फबारी की स्थिति के लिए स्थानीय मौसम पूर्वानुमान देखना जरूरी होगा।

आंध्र प्रदेश में पांच मौतें, हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

चक्रवात के दौरान आंध्र प्रदेश में जनहानि और संपत्ति के नुकसान की जानकारी दी गई है। मूल कंटेंट में तीन से पांच लोगों की मौत का आंकड़ा है, जबकि शुरुआती विवरण में पांच मौतों का उल्लेख किया गया है। अधिकतर मौतों की वजह बिजली के तार टूटने से करंट लगना, पेड़ गिरना और बिजली के खंभे गिरना बताई गई है।

कुछ रिपोर्टों में ओडिशा में भी एक व्यक्ति की मौत का जिक्र है। इसके अलावा 31 घर क्षतिग्रस्त होने, सैकड़ों पेड़ उखड़ने, बिजली के खंभे गिरने और सड़कों पर आवाजाही बाधित होने की जानकारी दी गई है।

काकीनाडा में तटीय सड़क को नुकसान

काकीनाडा जिले में उप्पाडा तटीय सड़क के समुद्र में बह जाने की बात कही गई है। तूफान और भारी बारिश के कारण धान तथा बागवानी फसलों को भी नुकसान पहुंचने का उल्लेख है।

राहत और बचाव के तहत आंध्र प्रदेश में करीब 57 हजार लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया। दोनों राज्यों में कुल निकासी का आंकड़ा अलग-अलग विवरणों में 87 हजार से 1.8 लाख तक बताया गया है। इसलिए निकाले गए लोगों की अंतिम संख्या की पुष्टि आवश्यक है।

विशाखापट्टनम में 24 घंटे के दौरान 300 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज होने की जानकारी दी गई है। कुछ स्थानों पर यह आंकड़ा 315 मिलीमीटर तक बताया गया। ओडिशा के कोरापुट और गंजम में भी 100 से 200 मिलीमीटर बारिश का उल्लेख है।

मूल कंटेंट के अनुसार, राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ की 39 टीमें तैनात थीं।

ओडिशा से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश तक बारिश की संभावना

चक्रवात अर्नब के कमजोर होने के बाद इसके अवशेष उत्तर की ओर बढ़ रहे हैं। मौसम संबंधी पूर्वानुमान में ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना जताई गई है।

29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका बताई गई है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश हो सकती है।

कमजोर हो चुके चक्रवाती सिस्टम के कारण भी व्यापक क्षेत्र में मौसम प्रभावित हो सकता है। मूल कंटेंट में बताया गया है कि ऐसे सिस्टम नमी को दूर तक ले जा सकते हैं। ऊपरी वायुमंडल में ट्रफ और पश्चिमी हवाओं के साथ इनका मेल मौसम में बदलाव को लंबे समय तक बनाए रख सकता है।

नेपाल में भी भारी बारिश और हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के साथ हिमस्खलन का खतरा बताए जाने का उल्लेख है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम की तीव्रता स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है।

मौसम विभाग की चेतावनी पर नजर रखना जरूरी

चक्रवात अर्नब के तट से टकराने के बाद कमजोर होने के बावजूद बारिश और तेज हवाओं से जुड़ी आशंकाएं बनी हुई हैं। मूल कंटेंट में मौसम विभाग के डॉपलर रडार और सैटेलाइट से सिस्टम की निगरानी किए जाने का उल्लेख है।

ऐसे हालात में लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने, कमजोर संरचनाओं से दूर रहने और मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर, चक्रवात अर्नब के कारण आंध्र प्रदेश में जनहानि और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसके कमजोर अवशेषों के चलते पूर्वी और उत्तरी भारत में बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में मौसम के प्रभाव और नुकसान के अंतिम आंकड़ों की पुष्टि आधिकारिक बुलेटिनों से करना जरूरी है। (Expose India)

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