हौज रानी अग्निकांड: नाइजीरियाई नागरिक की मौत, परिवार ने भारत सरकार से मदद की लगाई गुहार

Hauz Rani Fire Incident, Malviya Nagar Fire
Hauz Rani Fire Incident, Malviya Nagar Fire

नई दिल्ली/अमर भारती। दिल्ली के हौज रानी इलाके में हाल ही में हुई आग की घटना ने एक नाइजीरियाई परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। इस हादसे में घायल हुए नाइजीरियाई नागरिक ओकेले की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद दूसरे व्यक्ति इकेआज़ू की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में जारी है। जानकारी के अनुसार, यह हादसा मालवीय नगर क्षेत्र में उस समय हुआ जब दोनों नाइजीरियाई नागरिक आग की चपेट में आ गए थे। गंभीर रूप से झुलसे ओकेले को तुरंत सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके रिश्तेदार और नाइजीरिया के उसी गांव के निवासी ओबेरा ने इस घटना की पुष्टि की है।

ओकेले की मौत, इकेआज़ू की हालत नाजुक

ओबेरा ने बताया कि इकेआज़ू इलाज के उद्देश्य से भारत आए थे, जबकि ओकेले उनके साथ सहायक और देखभाल करने के लिए मौजूद थे। इस दुर्घटना ने परिवार को पूरी तरह से झकझोर दिया है और सभी सदस्य गहरे सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन और स्थानीय पुलिस की ओर से शुरुआती स्तर पर मदद दी गई, लेकिन अब परिवार को सबसे बड़ी चिंता मृतक के पार्थिव शरीर को नाइजीरिया वापस भेजने की है। परिजनों ने भारत सरकार से अपील की है कि मानवीय आधार पर उनकी मदद की जाए और शव को उनके देश तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया और आर्थिक कठिनाइयों के कारण यह कार्य उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया है।

परिवार ने शव नाइजीरिया भेजने की लगाई गुहार

इस बीच, घायल इकेआज़ू की स्थिति को लेकर डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में रखा गया है। चिकित्सकों की एक टीम उनके इलाज में जुटी हुई है। स्थानीय पुलिस के अनुसार, घटना की जांच जारी है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर इसे एक दुर्घटनात्मक आग माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है। यह घटना न केवल एक दर्दनाक हादसा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच मानवीय सहयोग और सहायता की आवश्यकता को भी दर्शाती है। परिवार अब उम्मीद कर रहा है कि भारत सरकार जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर उनके प्रियजन के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में सहायता करेगी और शव को सम्मानपूर्वक उनके देश वापस भेजा जाएगा।

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