Parliament Monsoon Session: NEET पेपर लीक बिल पर आज चर्चा के आसार, एक सप्ताह बाद खत्म हो सकता है संसद का गतिरोध

संसद के मानसून सत्र में NEET पेपर लीक और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 पर आज चर्चा होने की संभावना है। जानिए सरकार और विपक्ष का पूरा रुख।

Indian Parliament discussing the Public Examinations Amendment Bill 2026.
संसद के मानसून सत्र में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा की तैयारी।

नई दिल्ली/अमर भारती। लगातार हंगामे और कई दिनों तक बाधित रहे संसद के मानसून सत्र के बाद मंगलवार से लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सामान्य होने की उम्मीद है। पिछले एक सप्ताह से NEET पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने थे। अब संकेत मिल रहे हैं कि दोनों पक्ष सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के लिए तैयार हो गए हैं। यदि यह चर्चा शुरू होती है तो संसद में रुका हुआ विधायी कामकाज दोबारा गति पकड़ सकता है और परीक्षा सुधारों पर व्यापक बहस देखने को मिल सकती है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल से बनी सहमति

संसद में जारी गतिरोध खत्म कराने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं से अलग-अलग बातचीत की। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर गंभीर चर्चा की जाए।

स्पीकर ने भरोसा दिलाया कि सरकार इस विधेयक पर छह घंटे से अधिक समय तक चर्चा कराने के लिए तैयार है और विपक्ष को अपने सभी सवाल और सुझाव रखने का पूरा अवसर मिलेगा। इसी पहल के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने की खबर है और मंगलवार से विधेयक पर चर्चा शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

किरेन रिजिजू ने विपक्ष से की सहयोग की अपील

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि वह चर्चा से दूर न भागे। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों नागरिक संसद की कार्यवाही देख रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि सभी राजनीतिक दल परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए रचनात्मक सुझाव देंगे। रिजिजू ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नया कानून पारित कराना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिससे भविष्य में पेपर लीक और संगठित परीक्षा घोटालों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

क्या है सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026?

सरकार ने सोमवार को लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। यह विधेयक ऐसे समय लाया गया है जब NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बाद देशभर में बड़े पैमाने पर छात्र आंदोलन हुए और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठे।

सरकार का कहना है कि नए संशोधन का उद्देश्य-

  • पेपर लीक माफिया पर सख्त कार्रवाई करना।
  • संगठित नकल और परीक्षा धोखाधड़ी पर रोक लगाना।
  • सार्वजनिक परीक्षाओं की सुरक्षा बढ़ाना।
  • युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बहाल करना।
  • आधुनिक तकनीक और कड़े कानूनी प्रावधानों के जरिए परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना।

विपक्ष ने क्यों किया था विरोध?

पिछले कई दिनों से विपक्ष लगातार छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज का मुद्दा उठाता रहा। इसी वजह से संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही और कोई बड़ा विधायी काम आगे नहीं बढ़ सका। विपक्ष का कहना था कि सरकार पहले छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर जवाब दे, उसके बाद परीक्षा सुधार विधेयक पर चर्चा कराई जाए। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की। वहीं राज्यसभा में कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल गृह मंत्री अमित शाह से छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर बयान देने की मांग पर अड़े रहे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार से इस मुद्दे पर सदन में जवाब देने की मांग दोहराई।

सरकार और विपक्ष के सामने बड़ी चुनौती

यदि मंगलवार को विधेयक पर चर्चा शुरू होती है तो यह केवल संसद का गतिरोध खत्म होने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर एक व्यापक राष्ट्रीय बहस की शुरुआत भी होगी। सरकार इसे शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार बता रही है, जबकि विपक्ष का कहना है कि कानून के साथ-साथ जवाबदेही, पारदर्शिता और छात्रों के अधिकारों की भी समान रूप से रक्षा होनी चाहिए। संसद में होने वाली यह चर्चा आने वाले समय में देश की सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली और शिक्षा सुधारों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।