मानक के अनुरूप नालों की सफाई न होने से जलभराव का खतरा, बरसात से पहले बढ़ी चिंता


जैदपुर (बाराबंकी)। मानसून की दस्तक से पहले कस्बे में छोटे-बड़े नालों की सफाई का कार्य शुरू तो कर दिया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई कार्य केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। मानक के अनुसार नालों की सफाई नहीं होने से आगामी बरसात में कई मोहल्लों में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न होने की आशंका बढ़ गई है।
जैदपुर कस्बा पिछले कई दशकों से जल निकासी की समस्या से जूझ रहा है। आबादी के बीच से गुजरने वाले कई नालों का पानी नहर और नदी तक नहीं पहुंच पाता, जिससे गंदे पानी का जमाव तालाबों में होता रहता है। हर वर्ष बरसात से पहले नालों की सफाई कराई जाती है, लेकिन अधूरी सफाई के कारण जलभराव की समस्या जस की तस बनी रहती है।
शासन द्वारा 30 जून तक सभी नालों की मानक अनुरूप सफाई के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन कस्बे के 17 वार्डों में सफाई कार्य अपेक्षित स्तर पर नहीं दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर नालों के ऊपर रखे गए पत्थर और अतिक्रमण के कारण सफाई कर्मियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। परिणामस्वरूप नालों की सफाई अधूरी रह जाती है और जल निकासी बाधित होती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार नयापुरा, बड़ापुरा, छेदा कटरा, मुक्खिन, बांध चौराहा समेत कई क्षेत्रों से गुजरने वाले प्रमुख नालों की समुचित सफाई नहीं हुई तो भारी बारिश के दौरान आधा दर्जन से अधिक मोहल्लों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसी तरह रईस कटरा, शाह कटरा और मिल्लत नगर क्षेत्रों में भी समस्या गंभीर बनी हुई है।
इस बीच जैदपुर-सिद्धौर मुख्य मार्ग पर अली अकबर कटरा के पास पुलिया निर्माण के लिए पुरानी पुलिया तोड़ दी गई है। निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण पिछले दो महीनों से कस्बे की प्रमुख जल निकासी प्रभावित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द बारिश शुरू हो गई तो नालों का पानी आगे नहीं जा पाएगा और पूरे कस्बे में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। साथ ही मार्ग पर आवागमन भी बाधित होने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन और नगर पंचायत के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय है। यदि समय रहते नालों की समुचित सफाई और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो मानसून के दौरान लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।