Ketan Agrawal Murder Case में पुलिस का बड़ा खुलासा। शादी रोकने के लिए पहले केतन को घायल करने की योजना बनी, लेकिन बाद में सिया और चेतन पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है।

नई दिल्ली/अमर भारती। Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस ने एक और बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने पहले केतन को घायल करने की योजना बनाई थी, ताकि उसकी शादी कुछ समय के लिए टाली जा सके। हालांकि, बाद में उन्हें यह प्लान जोखिम भरा लगा और उन्होंने कथित तौर पर हत्या की साजिश रच डाली।
जांच के अनुसार, दोनों आरोपियों ने हत्या को हादसा दिखाने के लिए कई हफ्तों तक योजना बनाई। इसके लिए ऑनलाइन सर्च किया गया, संभावित जगहों की रेकी की गई और कई स्थानों की तस्वीरें एक-दूसरे के साथ साझा की गईं। पुलिस का दावा है कि दोनों ने सस्पेंस फिल्मों और इंटरनेट से भी ऐसी घटनाओं के बारे में जानकारी जुटाई, जिससे हत्या को दुर्घटना का रूप दिया जा सके।
शादी से बचने के लिए पहले घायल करने की योजना
पुलिस के मुताबिक, 20 वर्षीय सिया गोयल और 22 वर्षीय चेतन चौधरी के बीच कथित तौर पर प्रेम संबंध था। वहीं, सिया की सगाई 26 वर्षीय केतन अग्रवाल से फरवरी में हुई थी। दोनों की नवंबर में जयपुर में शादी होनी थी।
जांच में सामने आया है कि सिया अपने परिवार से भागकर शादी से बचना नहीं चाहती थी। पुलिस अधिकारी के अनुसार, वह न तो अपने परिवार को बदनाम करना चाहती थी और न ही केतन के परिवार को किसी तरह की परेशानी में डालना चाहती थी। इसी वजह से सिया और चेतन ने कथित तौर पर शादी रोकने के अलग-अलग तरीकों पर विचार किया।
शुरुआत में दोनों ने एक ऐसी दुर्घटना की योजना पर चर्चा की, जिसमें केतन घायल हो जाए और शादी कुछ समय के लिए टल जाए। पुलिस के मुताबिक, उनका शुरुआती प्लान केतन को मारना नहीं, बल्कि उसे घायल करना था, ताकि पूरी घटना एक हादसा लगे।
बाली ट्रिप से पहले बढ़ी हत्या की जल्दबाजी
पुलिस के अनुसार, सिया और केतन की जून में इंडोनेशिया के बाली जाने की योजना थी। दोनों को 6 जून को उड़ान भरने के बाद करीब आठ दिन साथ बिताने थे। जांचकर्ताओं का दावा है कि इस यात्रा से पहले सिया और चेतन के बीच केतन को नुकसान पहुंचाने की योजना को लेकर जल्दबाजी बढ़ गई। हालांकि, जब दोनों को लगा कि केतन को घायल करने की योजना को अंजाम देना आसान नहीं होगा और इसमें उनके पकड़े जाने का खतरा है, तो कथित तौर पर उन्होंने अपना प्लान बदल दिया।
पुलिस का दावा है कि दोनों को डर था कि अगर केतन बच गया और उसे साजिश का पता चल गया, तो वह उनके रिश्ते और पूरी योजना का खुलासा कर सकता है। इसी डर के चलते कथित तौर पर घायल करने की योजना को हत्या की साजिश में बदल दिया गया।
सस्पेंस फिल्में देखकर हादसा दिखाने का तरीका खोजा
जांच अधिकारियों के अनुसार, हत्या की साजिश कई हफ्तों तक तैयार की गई। इस दौरान आरोपियों ने इंटरनेट पर बड़े पैमाने पर सर्च किया और संभावित स्थानों की रेकी की। पुलिस का दावा है कि दोनों ने यह समझने के लिए सस्पेंस फिल्मों और ऑनलाइन सामग्री का सहारा लिया कि किसी हत्या को दुर्घटना जैसा कैसे दिखाया जा सकता है। इसके बाद कथित तौर पर उन्होंने ऊंचाई से धक्का देने की योजना पर विचार किया।
जांचकर्ताओं के अनुसार, उनका मकसद ऐसी जगह तलाशना था जहां केतन की मौत को हादसा बताया जा सके और घटनास्थल पर कोई ऐसा सबूत न बचे, जो सीधे तौर पर हत्या की ओर इशारा करे।
टाइगर पॉइंट से विसापुर किले तक हुई जगहों की तलाश
पुलिस के मुताबिक, हत्या की योजना के अगले चरण में आरोपियों ने कई संभावित स्थानों की पहचान की। इनमें लोनावला का टाइगर पॉइंट, विसापुर किला और आसपास के कई अन्य इलाके शामिल थे। जांच अधिकारियों का दावा है कि सिया और चेतन ने इन जगहों की तस्वीरें एक-दूसरे को भेजीं और संभावित स्थानों का जायजा लिया। काफी विचार-विमर्श के बाद पुणे के पास स्थित लोहगढ़ किले को कथित तौर पर अंतिम स्थान के रूप में चुना गया। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने ऐसी जगह चुनी, जहां केतन को खाई में गिरने के बाद उसकी मौत को दुर्घटना का रूप दिया जा सके।
18 जून को लोहगढ़ किले में हुई केतन की मौत
पुलिस के मुताबिक, 18 जून को सिया गोयल और चेतन चौधरी ने कथित तौर पर केतन अग्रवाल को पुणे के पास लोहगढ़ किले से खाई में धकेल दिया। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह पूरी घटना पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी। जांचकर्ताओं के अनुसार, सिया और चेतन को डर था कि केतन उनकी कथित प्रेम कहानी और योजना के बीच सबसे बड़ी रुकावट है। पुलिस का दावा है कि दोनों को सिया की शादी के बाद अपने रिश्ते के भविष्य को लेकर चिंता थी और इसी वजह से उन्होंने कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में
पुलिस जांच में ऑनलाइन सर्च, कथित रेकी, तस्वीरों के आदान-प्रदान और आरोपियों के बीच हुई बातचीत को अहम माना जा रहा है। जांचकर्ता इन सभी पहलुओं को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां तलाश रहे हैं। फिलहाल, सिया गोयल और चेतन चौधरी न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। पुलिस अब मामले में उपलब्ध डिजिटल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है। हालांकि, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।
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