पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या मामले में जांच के बीच सिया गोयल का पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

नई दिल्ली/अमर भारती। पुणे के युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस पहले से गिरफ्तार सिया गोयल और चेतन चौधरी से पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर सिया गोयल का एक पुराना वीडियो वायरल हो गया है, जिसने इस चर्चित मामले को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पुलिस के अनुसार, मामला अभी जांच के अधीन है और वायरल वीडियो सहित सभी डिजिटल साक्ष्यों की सत्यता की भी पड़ताल की जा रही है। किसी भी वायरल सामग्री को फिलहाल जांच का अंतिम आधार नहीं माना गया है।
क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसियों के अनुसार, केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में एक हादसा माना गया था, लेकिन बाद की जांच में इसे कथित हत्या के एंगल से देखा जाने लगा। आरोप है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच कथित संबंध थे और इसी कारण केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। जांच में यह भी आरोप है कि लोहागढ़ किले की ट्रैकिंग के दौरान केतन को कथित तौर पर धक्का दिया गया, जिससे उसकी मौत हुई। हालांकि इन आरोपों का अंतिम सत्य अदालत में सुनवाई और जांच पूरी होने के बाद ही तय होगा।
सात महीने पुराना वीडियो बना चर्चा का विषय
इसी बीच दिसंबर 2025 का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कथित तौर पर सिया गोयल एक पब के अंदर दिखाई देती हैं। उनके हाथ में बीयर की बोतल है और वह मोबाइल फोन पर किसी व्यक्ति से तेज आवाज में बहस करती नजर आती हैं।
वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि-
“पहले तू खुद मुझ पर चीट करता है और फिर मुझे ही कॉल करता है।”
वीडियो में कथित तौर पर अभद्र भाषा का भी प्रयोग सुनाई देता है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि फोन पर जिस व्यक्ति से बातचीत हो रही थी, वह कौन था। इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
वीडियो से जुड़े दावों की नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। कुछ लोग इसे मामले में नए एंगल से जोड़ रहे हैं, जबकि जांच एजेंसियों ने अभी तक यह नहीं कहा है कि इस वीडियो का हत्या मामले से कोई प्रत्यक्ष संबंध है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी वायरल वीडियो को जांच पूरी होने से पहले अंतिम साक्ष्य नहीं माना जा सकता। पुलिस डिजिटल फोरेंसिक के माध्यम से वीडियो की प्रामाणिकता और संदर्भ की भी जांच कर सकती है।
पहले भी चेतन चौधरी के साथ वीडियो आया था सामने
इससे पहले भी सिया गोयल का एक अन्य वीडियो सामने आया था, जिसमें वह कथित तौर पर चेतन चौधरी के साथ महाराष्ट्र क्रिकेट लीग का मैच देखती हुई दिखाई दी थीं। उस वीडियो के वायरल होने के बाद दोनों के संबंधों को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि किसी भी वायरल वीडियो को लेकर पुलिस ने आधिकारिक रूप से यह नहीं कहा है कि वही जांच का आधार है। जांच एजेंसियां केवल उपलब्ध साक्ष्यों और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आगे बढ़ रही हैं।
सिया के पिता ने पहली बार तोड़ी चुप्पी
मामले में पहली बार सिया गोयल के पिता प्रवीण गोयल ने सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी बेटी और चेतन चौधरी के कथित संबंधों की कोई जानकारी नहीं थी। प्रवीण गोयल का कहना है कि यदि उन्हें पहले इस रिश्ते की जानकारी होती तो वे सिया और केतन अग्रवाल की शादी के निर्णय पर दोबारा विचार करते। उनका यह बयान मामले में पारिवारिक पक्ष को भी चर्चा में ले आया है।
डिजिटल साक्ष्य और कॉल रिकॉर्ड की भी जांच
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अब मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), चैट, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि घटना से पहले आरोपियों के बीच किस प्रकार का संपर्क था और क्या किसी प्रकार की साजिश के संकेत मिलते हैं। इसके अलावा घटना से जुड़े सभी प्रत्यक्ष और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया जा रहा है।
अभी जांच जारी, अंतिम फैसला अदालत करेगी
यह मामला अभी पूरी तरह जांच के चरण में है। पुलिस लगातार नए साक्ष्य जुटा रही है और सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और विभिन्न दावों की भी स्वतंत्र जांच की जा रही है। किसी भी आरोपी का दोष या निर्दोष होना केवल जांच पूरी होने और अदालत के अंतिम निर्णय के बाद ही तय होगा। इसलिए मामले से जुड़े वायरल दावों और अपुष्ट सूचनाओं को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।
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