सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब: हजारों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक, चाक-चौबंद व्यवस्थाओं की हुई सराहना

संतोष शुक्ला
ब्यूरो चीफ (बाराबंकी)

बाराबंकी। सावन माह के प्रथम सोमवार पर नगर पंचायत सिद्धौर स्थित प्राचीन सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में शिवभक्तों की अपार आस्था देखने को मिली। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया, जो देर शाम तक लगातार जारी रहा। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का गंगाजल, दूध, बेलपत्र, भांग, धतूरा एवं पुष्प अर्पित कर विधि-विधान से जलाभिषेक किया तथा परिवार की सुख-समृद्धि, प्रदेश की उन्नति और देश की खुशहाली की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर में शिवभजन, रुद्राभिषेक एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता रहा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

नगर पंचायत ने संभाली व्यवस्थाओं की कमान, स्वच्छता और सुविधाओं पर विशेष ध्यान

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए नगर पंचायत सिद्धौर ने व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। अधिशासी अधिकारी आशुतोष त्रिपाठी के निर्देशन में मंदिर परिसर, मुख्य मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया। अतिरिक्त सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई, जिससे पूरे दिन परिसर स्वच्छ एवं व्यवस्थित बना रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, कूड़ेदान तथा नियमित सफाई की समुचित व्यवस्था की गई। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भी बेहतर रही, जिससे श्रद्धालु सुव्यवस्थित कतारों में भगवान शिव के दर्शन एवं पूजा-अर्चना करते रहे। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।

जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी किया जलाभिषेक

इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता भी सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक कर प्रदेश की खुशहाली और जनकल्याण की प्रार्थना की। साथ ही श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए सेवा कार्यों में सक्रिय सहयोग भी किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं को पेयजल उपलब्ध कराने, भीड़ प्रबंधन और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसकी लोगों ने सराहना की। श्रद्धालुओं ने भी नगर पंचायत द्वारा की गई व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस बार मंदिर परिसर पहले की अपेक्षा अधिक स्वच्छ, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक दिखाई दिया, जिससे दर्शन-पूजन का कार्य बिना किसी परेशानी के संपन्न हुआ।

पहले से थीं सभी तैयारियां, दिनभर निगरानी करती रही नगर पंचायत टीम

अधिशासी अधिकारी आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि सावन के प्रथम सोमवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं। नगर पंचायत की पूरी टीम दिनभर व्यवस्थाओं की निगरानी करती रही, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा नगर पंचायत की सर्वोच्च प्राथमिकता रही।

आस्था, व्यवस्था और जनसहभागिता का बना सुंदर संगम

सावन के प्रथम सोमवार पर सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ी श्रद्धा, भक्ति और उत्साह की यह तस्वीर केवल धार्मिक आस्था का ही प्रतीक नहीं रही, बल्कि बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था, स्वच्छता और जनसहभागिता का भी उत्कृष्ट उदाहरण बनी। भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के बाद श्रद्धालु प्रसन्न मन से अपने घर लौटे तथा पूरे क्षेत्र में दिनभर भक्तिमय वातावरण बना रहा।