ऊर्जा बचत-पर्यावरण संरक्षण की दिशा में PGI का बड़ा कदम: निदेशक ने साइकिल से पहुंचकर दिया परिवहन बचत का संदेश

लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान ने पर्यावरण संरक्षण और सतत परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम पहल की है। जहां संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर आरके धीमन ने अपने आवास से कार्यालय तक साइकिल चलाकर पहुंचते हुए ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली का संदेश दिया।

एसजीपीजीआई की यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस अपील के अनुरूप है, जिसमें नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग, साइकिलिंग और पैदल चलने को अपनाने का आग्रह किया गया है। वैश्विक परिस्थितियों और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार लगातार वैकल्पिक और टिकाऊ परिवहन साधनों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।

परिसर में साइकिल और पैदल चलने को मिलेगा बढ़ावा

एसजीपीजीआई निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर राधा कृष्ण धीमन ने कहा कि अभियान के पहले चरण में संस्थान के संकाय सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों, कर्मचारियों और छात्रों को परिसर के अंदर तथा आसपास अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, लोग पैदल चलने और साइकिल से आवागमन को प्राथमिकता दें। उन्होंने बताया कि इस पहल को प्रभावी बनाने के लिए संस्थान परिसर के प्रमुख स्थानों पर 7 से 8 साइकिल स्टैंड स्थापित किए जाएंगे, ताकि कर्मचारियों और छात्रों को साइकिल उपयोग के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को होगा लाभ

निदेशक एसजीपीजीआई, प्रो. धीमन ने कहा कि वाहनों पर निर्भरता कम करने से पेट्रोलियम उत्पादों की बचत होगी और प्रदूषण के स्तर में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि साइकिल चलाना और पैदल चलना न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि इससे कर्मचारियों और छात्रों के स्वास्थ्य तथा शारीरिक तंदुरुस्ती में भी सुधार होगा। उन्होंने विशेष रूप से उन कर्मचारियों से अपील की, जो परिसर से 3 से 4 किलोमीटर की दूरी पर रहते हैं, कि वे दैनिक आवागमन के लिए मोटर वाहनों के बजाय पैदल चलने या साइकिल का उपयोग करें। उनके अनुसार यह एक स्वस्थ, किफायती और टिकाऊ विकल्प है।

कारपूलिंग अपनाने की भी अपील

साइकिलिंग को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रो. धीमन ने कर्मचारियों से कारपूलिंग अपनाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे संस्थान परिसर में आने वाले वाहनों की संख्या कम होगी, ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और ईंधन की बचत भी सुनिश्चित हो सकेगी।

“ग्रीन कैंपस” की पहचान को और मजबूत करेगा अभियान

एसजीपीजीआईएमएस को अपनी हरियाली, जैव विविधता और स्वच्छ वातावरण के लिए पहले से ही ग्रीन कैंपस के रूप में जाना जाता है। प्रो. धीमन ने कहा कि संस्थान पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिस्थितियों में सुधार होने तक वे स्वयं साइकिल से ही आवागमन जारी रखेंगे, ताकि नेतृत्व और जिम्मेदारी का सकारात्मक संदेश समाज तक पहुंच सके।