खाद्य-रसद व्यवस्था में गड़बड़ी पर सख्त सरकार: कालाबाजारी और घटतौली पर जीरो टॉलरेंस

लखनऊ। प्रदेश सरकार खाद्य एवं रसद व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सख्त नजर आ रही है। कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने खाद्य एवं रसद विभाग तथा नागरिक आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कालाबाजारी, घटतौली, जमाखोरी, अवैध वसूली और गरीबों के अधिकारों में बाधा डालने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्यान्न वितरण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गरीबों के राशन में गड़बड़ी करने वालों पर दर्ज होगा मुकदमा

कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने दो टूक कहा कि गरीबों के राशन पर डाका डालने वाले, तौल में चोरी करने वाले और सरकारी व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इतना ही नहीं, आवश्यकता पड़ने पर दोषियों को जेल भेजने की कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब, किसान, मजदूर और पात्र लाभार्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी।

लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारी भी नहीं बचेंगे

मंत्री मनोज पांडेय ने अधिकारियों और कर्मचारियों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों की अनदेखी, भ्रष्टाचार को संरक्षण देने या कार्य में लापरवाही बरतने की स्थिति में जवाबदेही तय की जाएगी। दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता को पारदर्शी, ईमानदार और जवाबदेह व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में खाद्य एवं रसद व्यवस्था को मजबूत, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पेट्रोल-डीजल और गैस की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

कैबिनेट मंत्री ने ऑयल एजेंसियों को भी निर्देश दिए कि तेल और गैस की खपत को ध्यान में रखते हुए सभी आउटलेट्स और गैस एजेंसियों पर पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में लंबा बैकलॉग नहीं होना चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर उचित मात्रा में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस उपलब्ध हो सके। सरकार का उद्देश्य आम जनता को बिना किसी परेशानी के आवश्यक वस्तुओं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करना है।