
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं विकास को नई गति देने के लिए विभिन्न निर्माण परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है। इसी क्रम में जनपद आगरा में निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय का कार्य तेजी से प्रगति पर है। इस परियोजना के लिए 19,727.06 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति के सापेक्ष 14,400 लाख रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा संचालित इस परियोजना में अब तक 76 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल की जा चुकी है। वहीं, राजधानी लखनऊ के ऐशबाग स्थित रामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण कार्य में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। 1,440.42 लाख रुपये की स्वीकृत लागत वाली इस परियोजना के लिए 1,234 लाख रुपये जारी किए गए हैं और लगभग 98 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य भी अंतिम चरण में है।
विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं को सौंपी गईं परियोजनाएं
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि 31 मार्च 2026 तक विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं को पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास से जुड़ी कई परियोजनाएं सौंपी गई हैं। इनमें उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को सात प्रमुख परियोजनाओं का दायित्व दिया गया है। उन्होंने बताया कि वाराणसी के सारनाथ स्थित ऐतिहासिक धमेक स्तूप पर लाइट एंड साउंड शो विकसित करने के लिए 962.74 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके सापेक्ष एक करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की जा चुकी है। हालांकि परिसर में निर्माण कार्य प्रारंभ करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), नई दिल्ली से अनुमति मांगी गई है और अनुमति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
गोरखनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आरसीसी ट्रिमिक्स रोड, बाउंड्री वॉल, पेविंग ड्रेन, स्टोन क्लैडिंग, फाइबर ग्लास संरचनाएं, लैंडस्केपिंग, हॉर्टिकल्चर, साइनेज और टूरिस्ट सिक्योरिटी रोड के निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इस परियोजना के लिए 513.60 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई थी, जिसके सापेक्ष 398.35 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं। परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य शीघ्र पूरा किए जाने की तैयारी है। इसके अलावा मंदिर परिसर की टीएफसी बिल्डिंग की छत पर यात्री निवास निर्माण के लिए 465.90 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है, जिसके सापेक्ष 50 लाख रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है।
महोबा और बागपत की धार्मिक स्थलों पर भी विकास कार्य जारी
जयवीर सिंह ने बताया कि महोबा स्थित श्री गोरखनाथ जी की तपोस्थली गोरखनाथ मंदिर में स्थापित की जाने वाली मूर्ति के लिए पैडस्टल निर्माण हेतु 298.31 लाख रुपये की स्वीकृति के सापेक्ष 20 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं। साथ ही इस स्थल पर 26 फीट ऊंची नंदी प्रतिमा स्थापित किए जाने के लिए मूर्तिकार को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। वहीं, बागपत जिले के प्रसिद्ध पुरामहादेव मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 2,412.40 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके सापेक्ष तीन करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं और परियोजना का कार्य प्रगति पर है।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर सरकार का जोर
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में पर्यटन विकास एवं अन्य निर्माण कार्यों की परियोजनाएं स्वीकृत कर प्रथम किश्त जारी कर दी गई है, जिससे निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यदायी संस्थाएं परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आस्था और अर्थव्यवस्था को एक-दूसरे से जोड़ते हुए प्रदेश के समग्र विकास को प्राथमिकता दे रही है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई मजबूती मिलेगी।