लखनऊ अग्निकांड: एसआईटी और फोरेंसिक टीम ने शुरू की जांच, चार आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ। राजधानी के अलीगंज स्थित भीषण अग्निकांड की जांच तेज हो गई है। घटना के अगले दिन मंगलवार को विशेष जांच दल (एसआईटी) और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने साक्ष्य सुरक्षित रखने के लिए पूरी इमारत को सील कर दिया है और भीतर से तकनीकी व भौतिक सबूत जुटाने का काम जारी है। हालांकि अभी तक आग लगने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन प्रारंभिक जांच में एसी फटने की आशंका सामने आई है। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए हादसे की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।

बता दें कि घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार देर रात उच्चस्तरीय बैठक की और पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के आदेश पर गठित एसआईटी में संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार को सदस्य बनाया गया है। जांच दल को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

चार अधिकारी निलंबित, एलडीए ने बनाई जांच समिति

प्राथमिक जांच में लापरवाही के संकेत मिलने पर सीएम योगी के निर्देश पर चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इनमें बिजली विभाग के एक्सईएन कलेक्शन गौरव कुमार, फायर विभाग के एफएसएसओ कमलेंद्र कुमार सिंह, एलडीए के सहायक अभियंता (एई) अनिल कुमार तथा जूनियर इंजीनियर (जेई) प्रमोद पांडे शामिल हैं। इसके अलावा लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने मामले की गहन जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

छह लोगों के खिलाफ एफआईआर, चार गिरफ्तार

अलीगंज थाने में इस मामले में छह नामजद आरोपियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने सोमवार रात बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, पेट शॉप संचालक रामकृष्ण उपाध्याय, एनिमेशन सेंटर संचालक तूशॉक कृष्णा जायसवाल और किरायेदार सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, नामजद आरोपी धीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला की तलाश जारी है। संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था बबलू कुमार ने बताया कि पुरनिया चौकी प्रभारी शुभम तिवारी की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम की धारा 6/10 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।