
लखनऊ। देशभर में मौसम अब केवल बदलाव के संकेत नहीं दे रहा, बल्कि कई राज्यों में खतरनाक रूप भी दिखा सकता है। मौसम विभाग ने अगले 50 घंटों के लिए जो पूर्वानुमान जारी किया है, उसने करोड़ों लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उत्तर भारत, पूर्वी भारत और दक्षिणी राज्यों के कई हिस्सों में तेज आंधी, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ, अरब सागर से आ रही नमी और सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण मिलकर एक मजबूत वेदर सिस्टम तैयार कर रहे हैं। इसी वजह से जून की शुरुआत में ही मौसम ने आक्रामक तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य भारत के कई इलाकों में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन इसके साथ ही तेज तूफानी हवाओं और बिजली गिरने का खतरा भी बढ़ जाएगा। किसानों के लिए यह मौसम राहत और चुनौती दोनों लेकर आया है। जहां बारिश फसलों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है, वहीं ओलावृष्टि और तेज हवाएं खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा असर, कई जिलों में बारिश और तूफान का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार प्रदेश में मौसम सबसे उग्र रूप दिखा सकता है। लखनऊ, मेरठ, नोएडा, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज और वाराणसी समेत कई जिलों में तेज बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
प्रशासन और मौसम विभाग ने किसानों, खुले मैदानों में काम करने वाले लोगों तथा यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, हालांकि बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
4 जून रहेगा सबसे संवेदनशील दिन, यात्रा और खुले स्थानों से बचने की सलाह
मौसम विभाग के मुताबिक 4 जून और उसके आसपास का समय बेहद संवेदनशील रहने वाला है। खासकर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और पहाड़ी राज्यों में मौसम तेजी से करवट ले सकता है। IMD ने लोगों को बिना जरूरी कारण यात्रा से बचने, खुले मैदानों में न रुकने और बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। दिल्ली-एनसीआर में धूल भरी आंधी और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में बिजली गिरने का खतरा जताया गया है।
वहीं झारखंड और पश्चिम बंगाल में तेज तूफानी हवाएं बड़े पेड़ों को उखाड़ सकती हैं और जनजीवन प्रभावित हो सकता है। वहीं दक्षिण भारत में केरल और तमिलनाडु में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह वेदर सिस्टम आने वाले दिनों में और मजबूत हो सकता है, जिसके चलते देश के बड़े हिस्से में अलर्ट जैसी स्थिति बनी हुई है।