
लखनऊ। देश के अधिकांश राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रभाव अब तेजी से दिखाई देने लगा है। इसी बीच उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर सिस्टम के कारण मौसम का मिजाज और अधिक सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार इस सिस्टम के प्रभाव से उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक अच्छी और कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग का अनुमान है कि 7 जुलाई तक उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं आईएमडी के ताजा अपडेट के मुताबिक अगले तीन दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर के कुछ हिस्सों, गुजरात, हरियाणा और पंजाब के शेष क्षेत्रों तथा राजस्थान के कुछ इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
यूपी के 70 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश, आंधी और वज्रपात का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 70 से अधिक जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना जताई गई है, उनमें सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, बागपत, मेरठ, अमरोहा (ज्योतिबा फुले नगर), मुरादाबाद, रामपुर, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस (महामायानगर), एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, कन्नौज, औरैया, इटावा, कानपुर देहात, जालौन, हमीरपुर, झांसी, ललितपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, संत रविदास नगर (भदोही), मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, आजमगढ़, अंबेडकरनगर, बस्ती, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, अयोध्या, बाराबंकी, लखनऊ, सुल्तानपुर, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बरेली, रायबरेली, फर्रुखाबाद, बदायूं, संभल, पीलीभीत, रामपुर और लखीमपुर खीरी सहित कई जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सामान्य से काफी कम हुई बारिश, पूर्वी यूपी में 54 फीसदी की कमी
बारिश का दौर शुरू होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में अब तक सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पूरे प्रदेश में औसतन 73.4 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 134.5 मिमी होनी चाहिए थी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 जून से 6 जुलाई के बीच केवल 69.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि सामान्य औसत 150.6 मिमी है। यानी पूर्वी उत्तर प्रदेश में अब तक सामान्य से 54 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में औसतन 79.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य वर्षा 111.9 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि मौसम विभाग का मानना है कि सक्रिय हुए मानसून और लो प्रेशर सिस्टम के प्रभाव से आने वाले दिनों में वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।