अम्बेडकर जयंती समारोह में सीएम योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर निशाना, कहा—बाबा साहेब के नाम पर राजनीति बर्दाश्त नहीं


लखनऊ। डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह एवं स्मारिका विमोचन कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बाबा साहेब के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाने वालों को अब जनता पहचान चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को यह बताना चाहिए कि उन्होंने वास्तव में बाबा साहेब के विचारों और आदर्शों के लिए क्या कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ लोग केवल राजनीतिक स्वार्थ के लिए डॉ. अंबेडकर का नाम लेते हैं, लेकिन उनके विचारों को अपने जीवन और कार्यों में नहीं अपनाते। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इन लोगों ने कभी बाबा साहेब के दर्शन और उनके संघर्षों से प्रेरणा ली है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन केवल भाषणों का विषय नहीं, बल्कि उसे आचरण में उतारने की आवश्यकता है।
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब उन्होंने दलित महापुरुषों के स्मारकों के प्रति सम्मान नहीं दिखाया, बल्कि उन्हें हटाने तक की बातें कीं। आज वही लोग उनके प्रति संवेदना और सम्मान का दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने इसे दोहरे चरित्र की राजनीति बताते हुए कहा कि “कड़वा-कड़वा थू और मीठा-मीठा गप” अब नहीं चलेगा और समाज इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का समाज जागरूक है और वह सच्चाई को भली-भांति समझता है। उन्होंने कहा कि जनता यह जानती है कि कौन वास्तव में बाबा साहेब के सिद्धांतों पर काम कर रहा है और कौन केवल दिखावे के लिए उनके नाम का उपयोग कर रहा है। इसी सच्चाई को छिपाने के लिए कुछ लोग तरह-तरह की दलीलें और तर्क देने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब यह ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगा।
उन्होंने आगे कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन सामाजिक न्याय, समानता और मानव गरिमा के लिए संघर्ष का प्रतीक है। उनके द्वारा बनाए गए संविधान ने देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक ढांचा दिया है, जिसमें हर नागरिक को समान अधिकार प्राप्त हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बाबा साहेब के आदर्शों को ध्यान में रखते हुए समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्मारिका का विमोचन किया और बाबा साहेब के जीवन, संघर्ष और योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे बाबा साहेब के विचारों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में समरसता, समानता तथा न्याय स्थापित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब के नाम पर राजनीति करने वालों को अब जनता जवाब देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सच्चाई और वास्तविक कार्य ही अंततः समाज में स्वीकार किए जाएंगे और यही बाबा साहेब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।