
पश्चिम बंगाल: टीएमसी को मिली हार पर राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. राहुल गांधी ने बीजेपी की जीत को चुनाव आयोग की मदद से हासिल की गई जीत बताया है. राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में लिखा, “कांग्रेस और दूसरी पार्टियों के जो लोग टीएमसी की हार पर खुश हो रहे हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि असम और बंगाल के जनादेश की चोरी, बीजेपी के लिए भारतीय लोकतंत्र को ख़त्म करने के मिशन में एक बड़ा क़दम है.”
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को भी कटघरे में खड़ा किया. उन्होने कहा कि मैं ममता जी की बात से सहमत हूं, बंगाल में चुनाव आयोग की मदद से 100 से ज्यादा सीटों की चोरी हुई है.

वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किये हैं. उन्होने कहा कि मतगणना में केन्द्रीय बलो का दुरूपयोग किया गया है. साथ ट्वीटर हैंडल पर ममता बनर्जी का एक पोस्ट करते हुए वर्तमान राजनीति में लोकतंत्र की बदहाली को लेकर प्रतिक्रिया दी है. अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी का वीडियो शेयर किया है जिसमें ममता बनर्जी कह रही हैं कि उनके साथ धक्का-मुक्की हुई है.
इस वीडियो को शेयर करते हुए पूर्व सीएम अखिलेश ने कहा-“अब क्या सत्ताधारी राजनीति को पाताल से भी नीचे ले जाएंगे. देश के राजनीतिक इतिहास का ये एक घनघोर ‘काला दिन’ है. आज पूरा देश आक्रोशित है और लोकतंत्र व्यथित.”

इसके साथ ही फर्रूखाबाद और कन्नौज का उदाहरण देते हुए अखिलेश यादव ने लिखा कि बंगाल में जिस तरह से केन्द्रीय बलों का दुरूपयोग हुआ है ठीक वैसे ही 2022 के विधानसभा चुनाव में फर्रूखाबाद, कन्नौज सहित अधिकांश जगह पर कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला था. उन्होने कहा कि ऐसा ही कुछ 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान फर्रूखाबाद में भी देखने को मिला था.
अखिलेश यादव ने लिखा, “जनमत की खुली लूट कैसे हुई है. घोर, घोर, घोर निंदनीय.” वहीं आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने भी इन दोनों नेताओं की हां में हां मिलाते हुए कहा कि मोदी लहर में जब बीजेपी पंजाब नहीं जीत सकी तो भला अब कैसे जीत सकती है.

फिलहाल बीजेपी के शीर्ष नेता और कार्यकर्ता इस जीत के जश्न में डूबे हुए हैं क्योंकि पहली बार बंगाल में कमल खिला है और बीजेपी यहां अपना पहला मुख्यमंत्री देने जा रही है. ऐसे में जोश दोगुना है जिनके बीच आरोपों को कोई तरजीह नहीं भले ही बात लोकतंत्र के अस्तित्व की ही क्यों न हो.
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 206 सीटों पर जीत दर्ज की है. जबकि टीएमसी ने 80 सीटों पर चुनाव जीता है. लेकिन राज्य की एक सीट ऐसी भी है, जहां पर अब तक नतीजा घोषित नहीं हुआ है.
दरअसल, नॉर्थ 24 परगना जिले की राजारहाट न्यू टाउन सीट पर अब भी परिणाम जारी नहीं हुआ है. चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक़, यहां पर 18 में से 17 राउंड काउंटिंग हो चुकी है और टीएमसी बढ़त बनाए हुए है.
राजारहाट न्यू टाउन विधानसभा सीट पर टीएमसी के तपश चटर्जी को 1,06,250 वोट मिल चुके हैं. जबकि बीजेपी प्रत्याशी पीयूष कनोडिया को 1,05,927 वोट मिल चुके हैं. यहां पर टीएमसी 323 वोटों से लीड कर रही है.
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में लगातार तीन बार शासन करने के बाद तृणमूल कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है. यहां पर पहली बार बीजेपी को बहुमत मिला है. बीजेपी को 206, टीएमसी को 80, कांग्रेस को 2 और लेफ्ट को 2 सीटें मिली हैं. जबकि एक सीट फाल्टा पर 21 मई को दोबारा वोटिंग होनी है.