मुगलसराय सड़क चौड़ीकरण पर इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला, फिर तेज होगी ध्वस्तीकरण कार्रवाई

रिपोर्ट: प्रवेश सिंह, चंदौली, वाराणसी

डीडीयू नगर / चंदौली। मुगलसराय नगर में जीटी रोड सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने को लेकर चल रहे बहुचर्चित मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हालांकि कोर्ट का विस्तृत लिखित आदेश अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन फैसले के बाद Public Works Department की कार्रवाई तेज होने के संकेत मिल गए हैं।

हाई कोर्ट के फैसले के अनुसार जीटी रोड पर डिवाइडर के दोनों तरफ 110-110 फीट तक भूमि खाली कराई जाएगी। जिन दुकानों और भवनों पर पहले कार्रवाई रुकी हुई थी, उन्हें दोबारा नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई फिर से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।

व्यापारियों का आरोप है कि उन्हें पहले किसी प्रकार का नोटिस नहीं मिला था। उनका कहना है कि प्रशासन को पुराने बैनामा और रजिस्ट्री दस्तावेजों का अवलोकन करना चाहिए। कई व्यापारियों ने दावा किया कि उनकी जमीन वर्ष 1952 से बैनामा के आधार पर दर्ज है, ऐसे में प्रशासन को व्यापारियों के हित में भी विचार करना चाहिए।

बताया जा रहा है कि जीटी रोड मुख्य बाजार क्षेत्र, नई सट्टी सब्जी मंडी और आसपास बने कई भवन इस कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। फैसले के बाद प्रभावित व्यापारियों और भवन स्वामियों में चिंता बढ़ गई है।

इस संबंध में Rajesh Kumar ने बताया कि विभाग अपनी जमीन को खाली कराएगा और प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे तथा चिन्हांकन कार्य तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण होने से भविष्य में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और जाम की समस्या में काफी कमी आएगी।

फिलहाल प्रशासन द्वारा नए सिरे से नोटिस जारी करने और कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। हाई कोर्ट के इस फैसले को मुगलसराय में सड़क चौड़ीकरण मामले का ऐतिहासिक निर्णय माना जा रहा है।